चंडीगढ़ | हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सैनी ने कहा कि प्रदेश की डबल इंजन सरकार किसानों के उत्थान के लिए निरंतर कार्य कर रही है. हमारा ध्येय है कि किसानों की आमदन बढ़े और किसान आर्थिक रूप से समृद्ध बने. प्रदेश के 70 प्रतिशत किसान ऐसे हैं, जिनके पास जमीन कम है. इसलिए उनके उत्थान के लिए भी खास रणनीति बनानी होगी. किसानों को अधिक मुनाफा मिले, इसके लिए भी बजट में प्रावधान करने होंगे, ताकि किसानों को मजबूत बनाया जा सके.
राज्यपाल कर चुके घोषणा
राज्य सरकार ने फसल विविधीकरण को बढ़ावा देने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है. मुख्यमंत्री ने कहा कि अगर किसान धान की बजाय अन्य फसल की बुवाई करेंगे या खेत खाली रखेंगे, तो उन्हें प्रति एकड़ 10 हजार रुपये की राशि दी जाएगी. यह कदम किसानों को पानी की बचत के लिए प्रोत्साहित करेगा और सिंचाई जल के संकट से निपटने में मदद करेगा.
राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय ने 15वीं विधानसभा के पहले सत्र को संबोधित करते हुए इस योजना की घोषणा की थी. उन्होंने बताया कि इस योजना के तहत किसानों को कम पानी में उगने वाली फसलों को बढ़ावा देने के लिए प्रोत्साहन मिलेगा, जिससे जल का अधिकतम उपयोग किया जा सकेगा.
प्रति एकड़ मिलेंगे 10 हजार रूपए
प्रदेश सरकार किसानों पर फोकस बढ़ाने जा रही है. इसके लिए कृषि विभाग योजनाएं तैयार करने में जुटा है. सूत्रों के अनुसार, इस बार सरकार जल संरक्षण की मुहिम बड़े स्तर पर चलाएगी. जो किसान धान की जगह दूसरी फसलों की बिजाई करेंगे या खेत खाली रखेंगे, उन्हें 10 हजार रुपए प्रति एकड़ प्रोत्साहन राशि दी जाएगी. अभी 7 हजार रुपए प्रति एकड़ दिए जा रहे हैं.
धान की पराली जलाने से रोकने के लिए इसकी खरीद बड़े स्तर पर करने को लेकर मंथन चल रहा है. अभी किसानों से 1,000 रुपए प्रति एकड़ पराली की खरीद होती है. इस राशि को बढ़ाकर 1500 रुपए किया जा सकता है. बता दें कि किसानों के मुद्दों को लेकर सीएम नायब सिंह सैनी प्रगतिशील किसानों व कृषि विशेषज्ञों के साथ मंथन भी कर चुके हैं.
