चंडीगढ़ | हरियाणा को नए विधानसभा भवन के लिए चंडीगढ़ में जमीन मिलने का रास्ता साफ हो गया है. चंडीगढ़ प्रशासन हरियाणा को 10 एकड़ जमीन देने पर सहमत हो गया है. इसके बदले में हरियाणा की ओर से चंडीगढ़ को IT पार्क के पास 12 एकड़ जमीन दी जाएगी. जमीन के लिए लंबे समय से हरियाणा सरकार द्वारा संघर्ष किया जा रहा था. जमीन की घोषणा होने के बाद हरियाणा सरकार ने राहत की सांस ली है.
बता दें कि चंडीगढ़ के डिप्टी कमिश्नर विनय प्रताप सिंह ने गुरुवार को कहा कि जमीन की अदला- बदली का फैसला हरियाणा सरकार के अधिकारियों के साथ एक बैठक में लिया गया, जिन्हें 12 एकड़ जमीन के गैर- अतिक्रमण प्रमाण पत्र और सीमांकन रिपोर्ट जमा करने के लिए कहा गया है.
विधानसभा सीटें 90 से बढ़कर 126 होने की उम्मीद
हरियाणा के पास फिलहाल जो बिल्डिंग है वह पंजाब से सटी हुई है. पंजाब और हरियाणा की विधानसभाएं फिलहाल एक ही परिसर में चल रही हैं. आज तक समझौते के अनुसार, पंजाब द्वारा हरियाणा को विधानसभा भवन में पूरी हिस्सेदारी नहीं दी गई है. इसे लेकर काफी समय से विवाद चल रहा है. हरियाणा का वर्तमान विधानसभा भवन बहुत छोटा नजर आ रहा है. दूसरे साल 2026 के परिसीमन के बाद हरियाणा की विधानसभा सीटें 90 से बढ़कर 126 होने की उम्मीद है जिसके चलते हरियाणा चंडीगढ़ में ही नया विधानसभा भवन बनाने की कवायद में जुटा हुआ है.
चंडीगढ़ प्रशासन ने की जमीन देने की तैयारी
अब चंडीगढ़ प्रशासन ने हरियाणा को जमीन देने की तैयारी कर ली है. चंडीगढ़ के डिप्टी कमिश्नर के मुताबिक हरियाणा को दोनों सर्टिफिकेट जमा करने के लिए दो हफ्ते का समय दिया गया है. इस बीच हरियाणा विधानसभा अध्यक्ष ज्ञान चंद गुप्ता ने कहा कि जमीन आवंटन को लेकर हरियाणा और चंडीगढ़ में लगभग सहमति बन गई है.
हरियाणा के अधिकारियों को जल्द से जल्द औपचारिकताएं पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं. गुप्ता ने पंजाब के विरोध को बेबुनियाद बताते हुए कहा कि अगर पंजाब चंडीगढ़ में अलग विधानसभा बनाना चाहता है तो वह ऐसा कर सकता है और हरियाणा को उस पर कोई आपत्ति नहीं है.
