चंडीगढ़ | हरियाणा सरकार ने आम जनता को विभिन्न योजनाओं का लाभ देने के लिए परिवार पहचान पत्र (PPP) अनिवार्य कर दिया है. लेकिन, कई बार इसमें गलतियों के कारण लोगों को दफ्तरों के चक्कर लगाने पड़ते हैं. इसी बीच अब सरकार ने बड़ा फैसला लिया है कि पीपीपी में त्रुटियों को केवल तीन बार ही सुधारा जा सकेगा. इसके बाद पोर्टल पर सुधार का विकल्प अपने आप बंद हो जाएगा.
अधिक शुल्क वसूलने पर सीएससी सेंटर पर होगी कार्रवाई
यदि तय सूची से अधिक शुल्क वसूला गया तो नागरिक संसाधन सूचना विभाग (क्रीड) संबंधित कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) के खिलाफ कार्रवाई करेगा. इसके लिए ADC की अध्यक्षता में पांच सदस्यीय टीम गठित की गई है, जो शिकायत मिलने पर सीएससी सेंटरों पर छापेमारी कर सकती है.
क्रीड को कई बार शिकायतें मिली हैं कि कई अपात्र लोग पीपीपी में छेड़छाड़ कर योजनाओं का लाभ ले रहे हैं. बार-बार सुधार के लिए आवेदन आने से क्रीड कर्मियों पर काम का बोझ भी बढ़ गया था. अब यह सुधार सीमित कर दिए गए हैं. नए पीपीपी के लिए सभी आवश्यक दस्तावेज जैसे आधार कार्ड, बैंक खाता, बिजली बिल, जमीन आदि को जोड़ना अनिवार्य होगा.
पीपीपी में तीन बार से ज्यादा संशोधन का विकल्प नहीं दिया जाएगा. साथ ही तय दर से अधिक शुल्क वसूलने वाले सीएससी संचालकों पर कार्रवाई की जाएगी. नागरिकों से अपील की गई है कि वे शुरुआत में ही अपने दस्तावेज सही और पूर्ण रूप से जमा कराएं- हेमंत सैनी, जोनल प्रबंधक (पीपीपी) भिवानी
