हरियाणा: मुख्य सचिव की ‘रिवर एक्शन प्लान’ को लेकर बैठक, यहाँ पढ़े अपडेट

चंडीगढ़ | हरियाणा सरकार नदियों में प्रदूषण के स्तर को नियंत्रित करने और नदियों को फिर से जीवंत करने के लिए सीवर लाइन का क्रियान्वयन, सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट आदि का निर्माण सुनिश्चित कर रही है. इस संबंध में मुख्य सचिव संजीव कौशल ने आज नदी कार्य योजना की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को सीवर लाइन बिछाने और सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट का संचालन जल्द से जल्द सुनिश्चित करने के निर्देश दिए.

Sanjeev Kaushal

जल प्रदुषण नहीं होगा बर्दाश्त

उन्होंने कहा कि जल प्रदूषण को किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. नहरों और नदियों को दूषित होने से बचाना अधिकारियों का नैतिक दायित्व है. उन्होंने निर्देश दिये कि नहरों और नदियों में विभिन्न कारकों से दूषित पानी छोड़ने पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया जाये और कड़ी निगरानी रखी जाये. नमामि गंगे कार्यक्रम के तहत संजीव कौशल ने अधिकारियों को एसटीपी दिया. और सीईटीपी को स्थापना के संबंध में 2 सप्ताह में कार्य योजना प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए.

ठेकेदार पर हो कार्रवाई

मुख्य सचिव ने कहा कि मानेसर, नाहरपुर कासनी में बन रहे एसटीपी की सीवरेज क्षमता बढ़ाने के कार्य की संबंधित अधिकारियों द्वारा हर सप्ताह निगरानी की जाए और मुख्यालय को रिपोर्ट दी जाए. जनता के पैसे का दुरूपयोग रोकने के लिए यदि कोई ठेकेदार काम में लापरवाही करता है तो उसके खिलाफ तत्काल कार्रवाई की जाएगी. उन्होंने कुंडली, सोनीपत में एचएसवीपी द्वारा बनाए जा रहे कॉमन एफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट (ईटीपी) के लिए उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के प्रमुख सचिव को मौके पर जाकर संबंधित अधिकारियों के साथ बैठक कर कार्य में आ रही दिक्कतों को दूर कर कार्य कराने का निर्देश दिया गया.

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घग्गर और यमुना नदी में प्रदूषण नियंत्रण के लिए उठाये ये कदम

कौशल ने कहा कि लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग, हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण, शहरी स्थानीय निकाय विभाग और गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण द्वारा घग्गर नदी में प्रदूषण नियंत्रण के लिए राज्य में 61 एमएलडी क्षमता के 8 एसटीपी का निर्माण किया जा रहा है, जिसके जनवरी 2023 तक पूरा होने की उम्मीद है. इसी तरह यमुना जलग्रहण क्षेत्र में 380.5 एमएलडी है. क्षमता 17 एसटीपी का निर्माण किया जा रहा है.

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मुख्य सचिव ने कहा कि घग्गर जलग्रहण क्षेत्र में विभिन्न शहरों में 589 किलोमीटर लंबी सीवरेज लाइन बिछाने का प्रस्ताव था, जिसमें से 544 किलोमीटर लाइन बिछाई जा चुकी है. 3 शहरों में सीवरेज लाइन बिछाने का काम भी दिसंबर माह तक पूरा कर लिया जाएगा. इसी तरह 1652 किलोमीटर में से यमुना कैचमेंट में 1472 किलोमीटर लाइन बिछाई जा चुकी है. बाकी 6 शहरों में सीवरेज लाइन बिछाने का काम भी तेजी से चल रहा है.

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यमुना कैचमेंट में 6 और सीईटीपी लगाने का आदेश

बैठक में हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के सदस्य सचिव एस. नारायणन ने बताया कि यमुना कैचमेंट में 19 एमएलडी क्षमता के 3 कॉमन एफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट (सीईटीपी) स्थापित किए जा रहे हैं. 2 सीईटीपी दिसंबर तक चलेंगे. इसके अलावा 120.5 एमएलडी क्षमता के 6 और सीईटीपी लगाने का प्रस्ताव है. उसकी डीपीआर बनाई जा रही है. इसी तरह घग्गर कैचमेंट में 3 एमएलडी 2 सीईटीपी लगवाए जा रहे हैं, जिनका काम जल्द ही पूरा कर लिया जाएगा. उन्होंने बताया कि यमुना कैचमेंट के गांवों में एसटीपी निर्माण के लिए 277 गांवों की पहचान की गई है, जिनमें जल्द ही एसटीपी स्थापित किया जाएगा. इसी तरह घग्गर जलग्रहण क्षेत्र में 45 गांवों को चिन्हित किया गया है.

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