चंडीगढ़ | परिवार पहचान पत्र (PPP) प्रणाली में एक महत्वपूर्ण सुविधा जोड़ी गई है जिससे हजारों परिवारों को राहत मिलने की उम्मीद है. नई व्यवस्था के तहत, वे नवविवाहित पुरुष, जिनका नाम विवाह पंजीकरण के दौरान गलती से या किसी अन्य कारण से ससुराल की फैमिली आईडी में दर्ज हो गया था. अब दोबारा अपने मूल परिवार की फैमिली आईडी में शामिल हो सकेंगे. पीपीपी स्टेट कोऑर्डिनेटर डॉ. सतीश खोला ने बताया कि राज्य में ऐसे करीब 50 हजार लोग हैं, जिन्हें इस नई सुविधा का सीधा लाभ मिलेगा.

उन्होंने कहा कि परिवार पहचान पत्र से जुड़ी कई व्यावहारिक समस्याओं को देखते हुए यह प्रावधान लागू किया गया है जिससे परिवारों को सरकारी योजनाओं और सेवाओं का लाभ लेने में किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े.
PPP में बड़ा बदलाव
नई व्यवस्था के अनुसार, यदि किसी नवविवाहित पुरुष का नाम ससुराल की फैमिली आईडी में दर्ज हो गया है तो वह अपने जिले के एडीसी कार्यालय में जाकर संबंधित शिकायत दर्ज करा सकता है. शिकायत दर्ज होने के बाद फील्ड कोऑर्डिनेटर या प्रोग्रामर के माध्यम से इसे PPP पोर्टल पर अपलोड किया जाएगा. इसके बाद, एडीसी स्तर पर मामले की जांच की जाएगी और सभी तथ्यों के सत्यापन के बाद स्वीकृति प्रदान की जाएगी.
पुरुषों को मिली राहत
डॉ. सतीश खोला ने बताया कि यदि संबंधित व्यक्ति की पत्नी और बच्चे किसी अलग फैमिली आईडी में दर्ज हैं तो मंजूरी मिलने के बाद उन्हें भी उसके साथ जोड़ा जा सकेगा. यदि पत्नी और बच्चे पहले से ही ससुराल की फैमिली आईडी में शामिल हैं, तो सभी सदस्यों को एक साथ मूल परिवार की फैमिली आईडी में स्थानांतरित कर दिया जाएगा. परिवार के सभी सदस्य एक ही फैमिली आईडी के अंतर्गत दर्ज रहें. इससे सरकारी योजनाओं, सामाजिक सुरक्षा सेवाओं, प्रमाण पत्रों और अन्य प्रशासनिक प्रक्रियाओं में आने वाली दिक्कतों को कम किया जा सकेगा.
नई व्यवस्था लागू होने से परिवार पहचान पत्र प्रणाली और अधिक व्यवस्थित होगी. साथ ही, ऐसे परिवारों की लंबे समय से चली आ रही समस्याओं का समाधान भी संभव हो सकेगा जिनके सदस्य तकनीकी या प्रक्रिया संबंधी कारणों से अलग-अलग फैमिली आईडी में दर्ज हो गए थे.