चंडीगढ़ | गत 5 और 6 नवंबर 2022 को हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग ने सामान्य पात्रता परीक्षा यानी CET का आयोजन किया गया था. 10 जनवरी 2023 को हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग (HSSC) द्वारा इस परीक्षा का रिजल्ट जारी किया गया. जिसमें कुल 3.57 लाख युवा पास हुए. अब सरकार द्वारा ग्रुप सी के पदों पर भर्ती के लिए स्क्रीनिंग टेस्ट का आयोजन किया जाना है.
फिलहाल, सामान्य पात्रता परीक्षा (CET) पास 2 लाख 30 हजार 884 युवाओं को बड़ा झटका लगा है. हरियाणा सरकार की तरफ से 31 हजार 529 पदों के लिए 1 लाख 26 हजार 116 अभ्यर्थियों की ही स्क्रीनिंग टेस्ट के लिए बुलाया गया है.
सरकार का तुगलकी फरमान
सरकार के इस निर्णय पर राज्यसभा सांसद और कांग्रेस नेता रणदीप सुरजेवाला ने कड़ा ऐतराज जताया है. उन्होंने BJP-JJP सरकार के इस निर्णय को युवा विरोधी और तुगलकी फरमान घोषित कर दिया है. सुरजेवाला का कहना है कि खट्टर सरकार ने HSSC के माध्यम से ग्रुप C के लिए 31,529 पदों को विज्ञापित किया है, जिसके लिए CET पास सभी अभ्यर्थियों से आवेदन मांगे गए हैं.
प्रदेश में करीबन 3.57 लाख युवा CET पास है, लेकिन कर्मचारी चयन आयोग नें जो 31,529 पदों को विज्ञापित किया है उनके लिए जो स्क्रीनिंग टेस्ट होने जा रहा है उसमें केवल 4 गुना अभ्यर्थियों यानी 1,26,116 अभ्यर्थियों को ही स्क्रीनिंग टेस्ट के लिए आमंत्रित किया है.
युवाओं के हितों पर कुठाराघात
खट्टर सरकार की तरफ से एक बड़ा फैसला यह भी लिया गया है कि अब हरियाणा के साथ- साथ अन्य राज्यों को भी सामाजिक आर्थिक आधार पर दिए जाने वाले अंकों का लाभ दिया जाएगा. सरकार का यह फैसला प्रदेश के युवाओं के हितों पर कुठाराघात है. राज्य में पिछले 8 सालों में विद्यालय परीक्षाओं से लेकर HPSC और HSSC परीक्षाओं के पेपर लीक हो रहे हैं. हरियाणा अब पेपर लीक का हब घोषित हो चुका है.
सुरजेवाला ने सरकार के सामने रखी 3 मांगे
रणदीप सुरजेवाला ने हरियाणा सरकार के आगे अपनी तीन मांगे रखी है. जिनमें पहली मांग यह है कि HSSC की तरफ से सभी CET पास अभ्यर्थियों को स्क्रीनिंग टेस्ट के लिए बुलाया जाए और उसी आधार पर मेरिट से उम्मीदवारों का चयन किया जाए. दूसरी मांग है कि केवल हरियाणा के युवाओं को ही सामाजिक आर्थिक आधार पर अंक देने का लाभ दिया जाए.
वहीं, तीसरी मांग है कि खट्टर सरकार खाली पद भरने की प्रक्रिया शीघ्र शुरू करें ताकि हरियाणा के बेरोजगार युवाओं को रोजगार के लिए इधर उधर ना भागना पड़े. रोजगार न मिल पाने के कारण हरियाणा का भविष्य अंधकार की तरफ जा रहा है. युवा नशे पते आदि गलत रास्तों की तरफ बढ़ रहे हैं. इसीलिए जल्द से जल्द इस समस्या का समाधान किया जाए.
