चंडीगढ़ | हरियाणा में नया घर बनाने की सोच रहे आमजन के लिए राहत भरी खबर सामने आई है. बता दें कि सीएम नायब सैनी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट मीटिंग में इंटर स्टेट ट्रांसपोर्टेशन पास (ISTP) के सेकेंड रूल 14 में संशोधन को मंजूरी दी गई है. इसके अलावा, हरियाणा माइनर मिनरल कन्सेशन, स्टॉकिंग, ट्रांसपोर्टेशन ऑफ़ मिनरल्स एंड प्रिवेंशन ऑफ़ इल्लीगल माइनिंग रूल्स, 2012 के रूल्स 9 (5) एंड 10 (3) के अंतर्गत रॉयल्टी दरों के संशोधन को मंजूरी दी गई है.
रेत- बजरी की कीमतों में आएगी कमी
इन दोनों नियमों में संशोधन से हरियाणा में दूसरे राज्यों से आने वाले सभी खनिज से लदे वाहनों और राज्य के बाहर खनिजों का परिवहन करने वाले वाहनों पर अब 80 रुपए प्रति मीट्रिक टन शुल्क लगेगा. इससे पहले ये 100 रुपए प्रति मीट्रिक टन लगता था.
पत्थर और बोल्डर पर रायल्टी की दर 80 रुपये प्रति टन होगी. खनन पट्टे के मामले में लघु खनिज के लिए रायल्टी की दर खनिज के लिए लागू दरों के अतिरिक्त 25% होगी. हरियाणा में 6 राज्यों से खनन सामग्री लाई जाती है.
पिछली कैबिनेट मीटिंग में हुई थी बढ़ोतरी
इसी साल 26 जून को हुई कैबिनेट मीटिंग में खनिजों के अंतरराज्यीय परिवहन के लिए 100 रुपये प्रति टन का शुल्क निर्धारित कर दिया गया था. इसी तरह पत्थर की रायल्टी को 45 रुपये से बढ़ाकर 100 रुपये प्रति टन और रेत की रायल्टी को 40 रुपये से बढ़ाकर 80 रुपये प्रति टन कर दिया गया था. सरकार के इस फैसले के लागू होने के बाद भवन निर्माण सामग्री की कीमतों में जबरदस्त उछाल देखने को मिला था, जिसको लेकर विभिन्न वर्गों ने सरकार के सामने आपत्ति जताई थी. वहीं, अब सरकार ने नया फैसला लेते हुए आमजन को राहत प्रदान की है.
