चंडीगढ़ | हरियाणा में नए जिले, तहसील, सब- तहसील सृजित करने के लिए विकास एवं पंचायत मंत्री कृष्ण लाल पंवार की अध्यक्षता में गठित मंत्री समूह की सब कमेटी ने तेजी से कार्य शुरू कर दिया है. अब तक कमेटी की 2 बैठकें हो चुकी हैं, जिसमें 4 महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए. बैठक में सदस्य के रूप में शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा, शहरी स्थानीय निकाय मंत्री विपुल गोयल, कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्याम सिंह राणा उपस्थित रहे.
बैठक में प्राप्त प्रस्तावों के अनुसार निर्णय लिया गया कि महेंद्रगढ़ जिले के मंडोला गांव को उप तहसील सतनाली में और जिला रेवाड़ी के गांव बरेली कलां को उप- तहसील पाल्हावास से निकालकर तहसील रेवाड़ी में शामिल किया जाएगा.
रजिस्ट्रेशन सेंगमेंट में किया जाएगा शामिल
मंत्री कृष्ण लाल पंवार ने बताया कि जिला यमुनानगर के गांव गुंदियाना को तहसील रादौर से निकालकर उप- तहसील सरस्वती नगर में, फरीदाबाद के सैक्टर- 15, 15A, सैक्टर- 16A को तहसील बड़खल से निकालकर फरीदाबाद के रजिस्ट्रेशन सेंगमेंट और सैक्टर- 21A तथा B को तहसील फरीदाबाद से निकालकर तहसील बड़खल के रजिस्ट्रेशन सेंगमेंट में शामिल किया जाएगा.
लोगों की मांग के अनुरूप हो रहा विचार
कैबिनेट मंत्री कृष्ण लाल पंवार ने बताया कि लोगों की मांग के अनुरूप तथा ग्राम पंचायत, पंचायत समिति, नगरपालिका तथा स्थानीय विधायकों से विभिन्न प्रस्ताव प्राप्त हुए थे. संबंधित जिला उपायुक्त द्वारा भेजी गई सिफारिशों के आधार पर कमेटी की बैठक में चर्चा होती है. यदि मानदंड सही पाए जाते हैं, तो कमेटी नए जिले, नए उप मंडल, तहसील, सब तहसील व किसी गांव को एक जिले से दूसरे जिले व एक तहसील से दूसरी तहसील या उप- तहसील में शामिल करने का निर्णय लेती है.
प्रदेश में नए जिले, तहसील, सब तहसील सजिृत करने के लिए हरियाणा के विकास एवं पंचायत मंत्री श्री कृष्ण लाल पंवार की अध्यक्षता में गठित मंत्री समूह की सब कमेटी ने तेजी से कार्य शुरू कर दिया है। अब तक कमेटी की दो बैठकें हो चुकी हैं, जिसमें चार महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। pic.twitter.com/9XkXMg1UtW
— DPR Haryana (@DiprHaryana) December 29, 2024
उन्होंने बताया कि सब तहसील बनाने के लिए निर्धारित मानदंडों में 10 से अधिक गांव, 5 से 10 पटवार सर्कल, 60 हजार से अधिक जनसंख्या, 15 हजार हेक्टेयर या इससे अधिक क्षेत्रफल तथा उप मंडल मुख्यालय 15 किलोमीटर की दूरी पर होना चाहिए. इसी प्रकार तहसील के लिए निर्धारित मापदंडों में 20 या इससे अधिक गांव, 2 उप- तहसील, 5 से अधिक पटवार सर्कल, 80 हजार या अधिक जनसंख्या, 15 हजार हेक्टेयर या अधिक क्षेत्रफल तथा एक उपमंडल से दूरी 15 किलोमीटर होनी चाहिए.
इसी प्रकार उपमंडल के लिए यह मापदंड 40 या इससे अधिक गांव, एक या उससे अधिक तहसील/ उप तहसील, 15 या इससे अधिक पटवार सर्कल, 1 लाख या इससे अधिक जनसंख्या, 15 हजार हेक्टेयर या इससे अधिक क्षेत्रफल व जिला मुख्यालय से दूरी 10 किलोमीटर या इससे अधिक होनी चाहिए.
यह हैं मानदंड
कैबिनेट मंत्री कृष्ण लाल पंवार ने बताया कि नए जिलों के मामलों में यह मानदंड 125 से 200 गांव, एक या दो उपमंडल, एक से तीन तहसील या उप तहसील, 4 लाख या इससे अधिक की जनसंख्या, 80 हजार हेक्टेयर या इससे अधिक क्षेत्रफल तथा किसी अन्य जिला मुख्यालय से दूरी 25 से 40 किलोमीटर होनी चाहिए. उन्होंने बताया कि कमेटी के पास गोहाना, हांसी, असंध, सफीदों और डबवाली को नए जिला बनाने के प्रस्ताव भी आए हैं. बैठक में राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव व वित्तायुक्त राजस्व अनुराग रस्तोगी के अलावा अन्य सभी संबंधित अधिकारी शामिल हुए.
