चंडीगढ़ | हरियाणा के लगभग सभी जिलों में मानसून सक्रिय होने पर जमकर बारिश हो रही है, लेकिन लगातार हो रही बारिश से सब्जियों की कीमत आसमान छू रही है. ऐसे में आमजन को अब सब्जियां खरीदने के लिए पहले के मुकाबले अपनी जेब को और ज्यादा ढीली करना पड़ रहा है. गृहिणियों को रसोई प्रबंधन करने में खासी परेशानी झेलनी पड़ रही है. रिटेल और थोक बाजार में सब्जियों की कीमतों में लगातार वृद्धि दर्ज हो रही है.
कुछ सब्जियां तो आमजन की थाली से गायब हो चुकी है. इस वजह से खाने का स्वाद पहले जैसा नहीं रहा. वैसे तो हर साल मानसून सीजन में सब्जियों के दामों में उछाल देखने को मिलता है, लेकिन इस बार कुछ ज्यादा ही तेजी से भाव में बढ़ोतरी देखने को मिल रही है.
बाहरी राज्यों से आ रही सब्जियां
खासकर पिछले लगभग दो सप्ताह की बात करें, तो सब्जियों की कीमतों में बढ़ोतरी का दौर जारी है. आलू, प्याज, टमाटर और हरी मिर्च जैसे सब्जियां 30% तक महंगी हो चुकी है. इसका असर घरेलू बजट के साथ साथ लोगों के रोजमर्रा के जीवन पर भी पड़ रहा है. दुकानदारों का कहना है कि लगातार हो रही बरसात के चलते स्थानीय स्तर पर उत्पादित सब्जियों की सप्लाई नाममात्र रह गई है. ज्यादा बारिश से कई जगहों पर सब्जियों की फसलों को खासा नुकसान पहुंचा है.
दुकानदारों ने बताया कि इस मौसम में सब्जियां बहुत जल्द खराब हो जाती है. इसलिए लंबे समय तक स्टॉक कर रखना काफी रिस्की रहता है. ऐसे में अगले 2 महीने तक सब्जियों की कीमतों में बढ़ोतरी का सिलसिला जारी रहने की पूरी संभावना दिखाई दे रही है. अब डिमांड के हिसाब से दूरदराज के राज्यों से मंडियों में सब्जियों की सप्लाई शुरू हो चुकी है. इनमें किराया, भाड़ा व दूसरे खर्चे लगने के बाद स्वाभाविक तौर पर कीमतों में बढ़ोतरी हो जाती हैं. इसका सीधा असर सब्जियों के रिटेल व थोक बाजार में नजर आ रहा है.
प्रमुख सब्जियों की ताजा कीमतें (प्रति किलोग्राम)
| आलू | 25 |
| प्याज | 20 |
| टमाटर | 40 |
| घीया | 40 |
| तौरी | 40 |
| हरी मिर्च | 20 |
| नींबू | 70 |
| बैंगन | 50 |
| खीरा | 30 |
| अरबी | 60 |
| फूलगोभी | 100 |
| बंदगोभी | 20 |
| शिमला मिर्च | 100 |
| पेठा | 30 |
| परमल | 40 |
| अदरक | 80 |
