चंडीगढ़ | हरियाणा में एक अप्रैल से प्रदेशभर में गेहूं की सरकारी खरीद की घोषणा कर दी गई है. इस बार प्रदेशभर में 408 मंडियों व खरीद केंद्रों पर गेहूं की खरीद की जाएगी. इसके लिए 4 खरीद एजेंसियां गेहूं की सरकारी खरीद करेंगी. सरकार ने खरीद के लिए MSP (न्यूनतम समर्थन मूल्य) 2125 रुपए घोषित किया है. खरीद एजेंसियां 12 फीसदी नमी गेहूं की ही एमएसपी रेट पर खरीद करेगी.
408 अनाज मंडियों में होगी खरीद
प्रदेश की 408 अनाज मंडियों के खरीद केंद्रों पर गेहूं की खरीद होगी. इनमें सबसे ज्यादा खरीद केंद्र सिरसा में 64 केंद्र बनाए गए है जबकि दूसरे नंबर पर फतेहाबाद में 51 केंद्र बनाए गए है. इसके अलावा, अंबाला में 15, भिवानी में 11, फरीदाबाद में 6, गुरुग्राम में 5, हिसार में 26, झज्जर में 10, जींद में 36, कैथल में 41, करनाल व कुरूक्षेत्र में 23, नूंह में 5, महेंद्रगढ़ में 6, पंचकूला में 3, पानीपत में 12, पलवल में 13, रेवाड़ी में 3, रोहतक में 10, सोनीपत में 24 व यमुनानगर में 13 खरीद केंद्र बनाए गए है.
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10 अप्रैल के बाद मंडियों में गेहूं आने की उम्मीद
सरकारी खरीद आरंभ होने के बाद मंडियों में अभी तक गेहूं नहीं आया. इसका कारण कि दिसंबर से फरवरी तक बरसात न होने से तापमान सामान्य से अधिक रहा. जब गेहूं पकने को है तो पश्चिमी विक्षोभ के चलते बारिश, ओलावृष्टि व तेज हवाएं चलने से फसल खेतों में बिछी हुई है. अब मौसम खुलने के बाद गेहूं की फसल सुखेगी, तब इसे काटकर मंडियों में लाया जाएगा. माना जा रहा है कि इस बार 10 अप्रैल के बाद मंडियों में गेहूं आने लगेगा.
