चरखी दादरी | हरियाणा की नायब सैनी सरकार शहीदों और स्वतंत्रता सेनानियों को सम्मान देने की दिशा में कई स्कूलों और कॉलेजों का नामकरण उनके नाम पर करने की परंपरा को आगे बढ़ा रही हैं. इसी कड़ी में प्रदेश सरकार ने चरखी दादरी के राजकीय महाविद्यालय बौंद कलां का नाम बदलकर अमर शहीद सूबेदार बनवारी सिंह राजकीय महाविद्यालय बौंद कलां करने का फैसला किया है. कॉलेजों के नाम बदलने के पीछे सरकार का लक्ष्य शहीदों और स्वतंत्रता सेनानियों को विशेष सम्मान देना है. इससे विद्यार्थियों को प्ररेणा भी मिलती है.
चरखी दादरी के कॉलेज का बदला नाम
यह फैसला शिक्षा विभाग द्वारा रखे गए प्रस्ताव पर मुख्यमंत्री नायब सैनी की मंजूरी के बाद लिया गया है. हरियाणा सरकार कॉलेजों के नाम बदलकर उनके माध्यम से इतिहास को संजोने और छात्रों को प्रेरित करने का काम कर रही है. राज्य में कई कॉलेज शहीदों और महान हस्तियों के नाम पर है. शिक्षा मंत्री महीपाल ढांडा ने कहा है कि शहीद सूबेदार बनवारी पाकिस्तान युद्ध के दौरान राजपूत रेजिमेंट में रहते हुए शहीद हुए थे.
शहीद सूबेदार की वीरता
शहीद सूबेदार बनवारी भारतीय सेना में राजपूत रेजिमेंट का हिस्सा थे. उन्होंने 1971 के भारत- पाकिस्तान ( ऑपरेशन कैक्टस लिली) के दौरान राजपूत रेजिमेंट में रहते हुए देश का सर्वोच्च बलिदान दिया. उनको सम्मान देते हुए प्रदेश सरकार ने कॉलेज का नाम बदलकर उनके नाम से रखा है ताकि इससे छात्रों को उनके वीरता से प्रेरणा मिल सके और उनका इतिहास अमर रहे.
