चरखी दादरी | राजस्थान के चर्चित गैंगस्टर Raju Thehat Murder में नया खुलासा हुआ है. राजस्थान पुलिस की गिरफ्त में आए लॉरेंस बिश्नोई गिरोह के चरखी दादरी डंडमा निवासी दो दोस्तों के परिजनों ने पूरी सच्चाई बताई. परिजनों ने बताया कि वह कुश्ती में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मेडल जीतकर दोनों को अच्छी नौकरी दिलाना चाहते थे लेकिन दोनों ने पैसे कमाने के लिए घर छोड़ दिया और अपराध की दुनिया में कदम रखा और लॉरेंस बिश्नोई के गुर्गे बन गए.
बेटा ऐसा जघन्य कृत्य नहीं कर सकता
हालांकि, परिजनों का मानना है कि उनके बेटे ऐसे जघन्य कृत्य नहीं कर सकते, किसी ने बहकाया होगा. उन्हें न्यायपालिका पर पूरा भरोसा है कि दोनों बेटे सम्मान के साथ घर पहुंचेंगे. आपको बता दें कि राजस्थान के सीकर इलाके में कुछ लोगों ने गैंगस्टर राजू ठेहट की दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या कर दी थी. इस दौरान गोली लगने से एक अन्य व्यक्ति की भी मौत हो गई.
हत्या की ली जिम्मेदारी
गैंगस्टर राजू ठेहट की हत्या की जिम्मेदारी लॉरेंस बिश्नोई गिरोह ने ली थी. इस बीच राजस्थान पुलिस ने दादरी के डंडमा गांव निवासी जतिन उर्फ जानी और उसके दोस्त सतीश मेघवाल को गिरफ्तार कर लिया है. हत्या में शामिल भिवानी निवासी उसके दो अन्य दोस्त फरार चल रहे थे. पुलिस द्वारा बताए गए जतिन की मां राजबाला और भाई अनिल ने रो-रोकर कहा कि वह ऐसा नहीं कर सकता.
पहलवान बनाकर नौकरी पर रखने की सोच रहे थे
पिता उसे बड़ा पहलवान बनाकर नौकरी पर रखने की सोच रहे थे. इसी बीच पैसे कमाने की बात कहकर वह दिल्ली चला गया और अपराध की दुनिया में कैसे पहुंचा, पता नहीं. हालांकि, परिवार ने दो साल पहले जतिन को घर से निकाल दिया था. वहीं, दूसरे शूटर सतीश मेघवाल के घरवालों को विश्वास नहीं हो रहा है कि बेटे ने ऐसा किया है. सतीश के परिजनों का कहना था कि अगर उसने डबल मर्डर किया है तो उसे सजा मिलनी चाहिए. सतीश की पत्नी सुनीता ने रोते हुए बताया कि घटना से पहली रात उसने अपने पति से वीडियो कॉलिंग पर बात की थी.
