गुरुग्राम | साईबर सिटी गुरुग्राम के सेक्टर- 109 स्थित चिंटेल्स पैराडिसो सोसायटी के टावर A, B और C को खाली कराने का फैसला फिलहाल के लिए टाल दिया गया है. गुरुवार शाम को डीसी अजय कुमार की अध्यक्षता में एक बैठक बुलाई गई थी, जिसमें इन टावरों को खाली करवाने से पहले सोसायटी के निवासियों और RWA की आपत्तियां लेने का फैसला लिया गया है. इसके साथ ही, बिल्डर प्रबंधन से जवाब- तलब किया जाएगा. उसके बाद, स्ट्रक्चरल ऑडिट कमेटी द्वारा इन टावरों को खाली कराने पर आखिरी फैसला लिया जाएगा.
बैठक के दौरान RWA प्रतिनिधियों ने आरोप लगाते हुए कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने सोसायटी के दोबारा निर्माण का आदेश दिया है, लेकिन बिल्डर फ्लैट मालिकों से एग्रीमेंट करने का दबाव बना रहा है. जो लोग इस एग्रीमेंट पर हस्ताक्षर नहीं कर रहें हैं उन्हें फ्लैट खाली करने के बावजूद किराया नहीं दिया जा रहा है, जिसके चलते करीब 40 परिवार आर्थिक परेशानी से जूझ रहे हैं.
RWA ने रखीं मांगे
- A और B टावर को प्रीमियम टावर घोषित किया जाए.
- इन दोनों टावरों पर बिल्डर की 1000 रुपये प्रति वर्ग फीट निर्माण राशि की शर्त हटाई जाए.
- A, B और C टावर का मौजूदा बाजार दर पर दोबारा मूल्यांकन किया जाए.
आगे की प्रकिया
इस बैठक के दौरान RWA ने दिल्ली, चेन्नई और गुरुग्राम की अदालतों के आदेशों की प्रतियां साझा करते हुए कानूनी आदेशों का हवाला भी दिया है. वहीं, अधिकारियों ने RWA से लिखित में आपत्तियां दर्ज कराने का आदेश दिया है. इन आपत्तियों पर बिल्डर से जवाब मांगा जाएगा. इसके बाद, गठित कमेटी इन टावरों को खाली कराने पर निर्णय लेगी.
