भिवानी | आगामी 27 फरवरी से हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड (HBSE) द्वारा 10वीं और 12वीं की वार्षिक परीक्षाओं का आयोजन करवाया जाएगा. प्रदेश के लाखों विद्यार्थी इन परीक्षाओं में बैठेंगे. इसके लिए बोर्ड प्रशासन ने तैयारियां शुरू कर दी है. अबकी बार बोर्ड ने 10वीं 12वीं की बोर्ड परीक्षाओं में निजी स्कूलों के स्टाफ की ड्यूटी न लगाने का फैसला लिया है. परीक्षाओं में नकल रोकने के लिए बोर्ड द्वारा यह निर्णय लिया गया है.

फैसले का हुआ विरोध
इस फैसले का अब विरोध भी होना शुरू हो चुका है. फेडरेशन ऑफ प्राइवेट स्कूल वेलफेयर एसोसिएशन ने इस फैसले पर आपत्ति जताई है. उन्होंने कहा कि बोर्ड के इस फैसले से निजी स्कूलों के शिक्षकों तथा स्टाफ के प्रति अविश्वास की भावना से सरकारी और निजी स्कूलों के रिश्ते में मनमुटाव आएगा.
बोर्ड को भेजा पत्र
इस बारे में जानकारी देते हुए संगठन के प्रधान डॉक्टर कुलभूषण शर्मा, महासचिव वरुण जैन और बलदेव सैनी ने इस फैसले का विरोध जताते हुए बोर्ड के अध्यक्ष आईएएस पंकज अग्रवाल को पत्र भेजा है. उन्होंने पत्र के माध्यम से अध्यक्ष से पूछा है कि इससे पहले भी ऐसा हुआ है कि निजी स्कूलों के स्टाफ की बोर्ड परीक्षा में ड्यूटी नहीं लगी है. तो क्या उस समय बोर्ड सरकारी स्कूलों में नकल रोकने में कामयाब रहा है?
बोर्ड ने भेजी किट
बताते चलें कि शिक्षा बोर्ड द्वारा समय- समय पर बोर्ड परीक्षाओं के दिए निजी स्कूलों के शिक्षकों की नियुक्ति नहीं की जाती. ऐसे निर्देश पहले भी जारी हुए हैं. वहीं दूसरी तरफ सोमवार को बोर्ड की तरफ से DEO को परीक्षा से संबंधित बैग भेज दिए गए हैं, जिन्हें लेकर बुधवार को 116 सुपरिंटेंडेंट परीक्षा केंद्रों में पहुंचेंगे. साथ ही, बोर्ड ने उन शिक्षकों की लिस्ट भी मेल के माध्यम से मांगी है, जिनकी ड्यूटी उड़नदस्तों की टीमों में लगाई गई है.