झज्जर | खेल मैदान से हरियाणा के लिए एक और गौरवमई खबर सामने आई है. यहां झज्जर जिले (Jhajjar District) के गांव साल्हावास के बेटे हिमांशु जाखड़ ने ओलम्पिक गोल्ड मेडलिस्ट नीरज चौपड़ा की राह पर चलते हुए भाला फेंक इवेंट में गोल्ड मेडल जीतकर देश- दुनिया में हरियाणा का नाम रोशन कर दिया है. उनके शानदार खेल ने खेलप्रेमियों के दिमाग में नीरज चोपड़ा की यादें ताजा कर दी है.
हरियाणा के छोरे ने किया कमाल
हिमांशु जाखड़ ने आबूधाबी में आयोजित U- 18 एशियन गेम्स में 67.57 मीटर की दूरी पर भाला फेंककर भारत की झोली में गोल्ड मेडल डाल दिया. उनकी इस उपलब्धि ने गांव ही नहीं, बल्कि प्रदेश और देश का नाम विदेशी सरजमीं पर रोशन कर दिया है. हिमांशु की उपलब्धि पर पूरे गांव में खुशी का माहौल बना हुआ है.
U- 18 एशियन गेम्स में गोल्ड मेडल जीतने वाले हिमांशु जाखड़ बेहद ही साधारण किसान परिवार से ताल्लुक रखते हैं. पिता दलबीर जाखड़ ने बताया कि बेटे की बचपन से ही खेलों में रूचि रही है और इसके लिए वो निरंतर कड़ी मेहनत कर रहा था. आज जेवलिन थ्रो में उसने गोल्ड मेडल जीतकर हमारा गौरव बढ़ाया है. हमें अपने बेटे की उपलब्धि पर गर्व है.
जोरदार स्वागत की तैयारियां
गोल्ड मेडल जीतने वाले हिमांशु जाखड़ को ग्रामीणों ने देश के अगले नीरज चोपड़ा की संज्ञा देते हुए उन्हें बधाईयां दी है. ग्रामीणों ने कहा कि अब उसके घर लौटने का इंतजार है. गांव पहुंचने पर हिमांशु का ढोल- नगाड़ों के साथ जोरदार स्वागत किया जाएगा. हमें अपने गांव की प्रतिभा पर गर्व महसूस हो रहा है. उसने गोल्ड मेडल जीतकर साल्हावास गांव का नाम राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चमकाने का काम किया है.
