जींद | हरियाणा के जींद के पिल्लूखेड़ा में 8 फरवरी को पति, सास और ससुर को नशीला पदार्थ पिलाकर फरार हुई 5 दिन की दुल्हन और उसके चार साथियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है. दुल्हन की हकीकत अब सबके सामने आ गई है. वह खुद 3 बच्चों की मां हैं और अपना पता भी गलत बताया. पता उत्तर प्रदेश का बताया है जबकि वह उत्तराखंड की रहने वाली हैं. मां और भाई बनकर उसके घर आई महिला असल में उसकी सास और एक अन्य मुस्लिम लड़का था.
ये है मामला
3 फरवरी को गांव पिल्लूखेड़ा के सुरेश ने उत्तर प्रदेश के जौ नगर निवासी मीना उर्फ गीता से उत्तराखंड में ही वरमाला पहनाकर शादी कर ली. 8 फरवरी की रात गीता की मां ओमवती और उसका भाई होने का दावा करने वाला लकी कार चालक मनोज के साथ पहुंचे थे. उसी रात गीता ने अपने पति सुरेश, ससुर वेद और सास खजानी को नशीला पदार्थ वाली चाय पिलाई.
पुलिस ने किया ये खुलासा
इसके बाद, गीता और उसके साथियों ने घर में लूटपाट शुरू कर दी. तभी महिला की ननद यानी सुरेश की बहन दयावती अचानक घर पहुंच गई. उसने शोर मचाया तो चारों आरोपित वाहन छोड़कर फरार हो गए. दयावती की तहरीर पर पुलिस ने गीता समेत चारों के खिलाफ नशाखोरी, लूट के प्रयास समेत विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया था.
मीना का असली नाम : एसएचओ
पिल्लूखेड़ा थाना प्रभारी हरिओम ने बताया कि पुलिस जांच में गीता का असली नाम मीना सामने आया है जो गीता की मां ओमवती बता रही थी वह गीता की मां नहीं बल्कि सास है. उसका असली नाम राजकुमारी है. लकी जो भाई बता रहा था वह उत्तराखंड निवासी मोहम्मद अजगर है.
सभी करते थे ये काम
थानाध्यक्ष ने बताया कि वाहन चालक का नाम मनोज है. तीन बच्चों की मां मीना उर्फ गीता घरों में झाडू लगाने का काम करती है. उसका पति जीवित है और काम कर रहा है. उसका संपर्क गांव के ही एक व्यक्ति के जरिए दयावती से हुआ था. सुरेश से शादी के बाद लिव इन रिलेशन के पेपर बने. योजना सुरेश के परिवार के सदस्यों को लूटने की थी लेकिन दयावती की सतर्कता ने उन्हें सलाखों के पीछे पहुंचा दिया.
