जींद । जिले के सामान्य अस्पताल के कोविड वार्ड में लगे वेंटिलेटर ओवरलोड होने पर ऑक्सीजन का प्रेशर कम होने से वेंटिलेटर पर रखें तीन मरीजों की बुधवार देर रात मौत हो गई जबकि 2 मरीजों की हालत गंभीर बनी हुई है. मामले की सूचना मिलते ही डीसी से लेकर स्वास्थ्य विभाग तक हड़कंप मच गया.
Corona Hospital File Picture.
मिली जानकारी के मुताबिक जिले के सिविल अस्पताल में 10 मरीजों को वेंटिलेटर पर रखा हुआ था. एक साथ सभी वेंटिलेटर चलने से वेंटिलेटर में ऑक्सीजन का प्रेशर कम होने लगा.इससे उन मरीजों की जान पर बन आई जिनका ऑक्सीजन लेवल 30 से 40 तक था.ऐसे में वेंटिलेटर में प्रेशर ना बन पाने की वजह से 3 मरीजों ने दम तोड दिया. मरीजों के साथ आएं परिजनों ने बताया कि हस्पताल प्रशासन की लापरवाही की वजह से उनके अपनो की जान चली गई. वहीं जुलाना से 26 वर्षीय दीपक और शामलो कलां से 60 वर्षीय राममेहर की जान अभी भी खतरें में है.
यह कहते हैं SMO
वहीं इस घटनाक्रम को लेकर एस. एम.ओ. डॉ गोपाल गोयल से बात की गई तो उन्होंने कहा कि मरीज 5 लीटर की बजाय 15 लीटर पर वेंटिलेटर चलाने की जिद पर अड़े रहे. 15 लीटर पर एकसाथ 10 वेंटिलेटर चलने से ऑक्सीजन का प्रेशर कम हो गया. प्रेशर बढ़ाने के लिए जब कुछ वेंटिलेटर को बंद करने का प्रयास किया तो उन मरीजों के स्वजन विरोध करने लगे जिनके अपने इन वेंटिलेटर पर थे.
