ज्योतिष, Grahan | ग्रहण को ज्योतिष शास्त्र में विशेष महत्व प्राप्त है. चाहे सूर्य ग्रहण हो या चंद्र ग्रहण. साल का पहला सूर्य ग्रहण मार्च के महीने में लगा था, जो एक आंशिक सूर्य ग्रहण था. आज हम आपको साल के दूसरे सूर्य ग्रहण के बारे में जानकारी देने वाले हैं, जो 21 सितंबर को लगेगा. हर कोई साल के दूसरे ग्रहण का बेसब्री से इंतजार कर रहा है. साथ ही, लोग यह जानने को काफी उत्सुक है कि यह ग्रहण भारत में दिखाई देगा या नहीं.
साल का दूसरा सूर्य और चंद्र ग्रहण
साल का पहला सूर्य ग्रहण भारत में दिखाई नहीं दिया था. साल के दूसरे सूर्य ग्रहण की बात की जाए, तो यह भी भारत में दिखाई नहीं देगा. यह ग्रहण न्यूजीलैंड, फिजी, अंटार्कटिका, ऑस्ट्रेलिया के दक्षिणी हिस्से में नजर आने वाला है. दूसरे सूर्य ग्रहण से पहले भारत में साल का दूसरा चंद्र ग्रहण भी लगने वाला है. यह ग्रहण 7 सितंबर को लगने जा रहा है, जो भारत में भी दिखाई देगा यानी कि ग्रहण के लिहाज से सितंबर का महीना काफी खास होने वाला है.
ग्रहण में बंद हो जाते हैं मंदिरों के कपाट
इसी महीने में दूसरा चंद्र और सूर्य ग्रहण लगने जा रहा है. चंद्र ग्रहण के बाद की जाए, तो इसका समय रात 9:57 मिनट से शुरू होकर अर्धरात्रि 12:30 तक रहने वाला है. ग्रहण से कुछ समय पहले ही सूतक काल भी शुरू हो जाता है. आमतौर पर चंद्र ग्रहण से 9 घंटे पहले सूतक काल शुरू हो जाता है. इस दौरान मंदिरों के कपाट बंद कर दिए जाते हैं. अर्थात, पूजा- पाठ नहीं की जाती. ग्रहण के दौरान कुछ कामों को लेकर विशेष सावधानी बरतनी की आवश्यकता होती है.
इन बातों का रखें विशेष ध्यान
ग्रहण के दौरान बुजुर्गों और बच्चों को उपवास नहीं करना चाहिए. आपको कभी भी भूलकर भी नग्न आंखों से ग्रहण को नहीं देखना चाहिए. गर्भवती महिलाओं को ग्रहण में विशेष सावधानी बरतनी की आवश्यकता होती है. ग्रहण के समय आपको देवी- देवताओं की प्रतिमा को स्पर्श नहीं करना चाहिए. इसके अलावा, ग्रहण के दौरान आपको कई प्रकार की सावधानियां बरतनी पड़ती है.
डिस्केलमर: इस लेख में दी गई जानकारियां और सूचनाएं विभिन्न माध्यमों/ ज्योतिषियों/ पंचांग/ प्रवचनों/ मान्यताओं/ धर्मग्रंथों पर आधारित हैं. Haryana E Khabar इनकी पुष्टि नहीं करता है.
