करनाल: कोई बेरिकेट्स तो कोई फुटपाथ पर सोता आया नजर, देखिए कैसे गुजरी किसानों की रात

करनाल । हरियाणा के करनाल जिले में बसताड़ा टोल प्लाजा पर किसानों पर हुएं लाठीचार्ज मामले को लेकर किसानों की मांगों पर प्रशासन और किसान नेताओं के बीच बातचीत विफल रहने पर हजारों की संख्या में किसान लघु सचिवालय का घेराव किए हुएं बैठे हैं. किसानों ने अनिश्चितकालीन धरने का ऐलान किया हुआ है. मंगलवार को धरने की पहली रात थी और इस दौरान अन्नदाता की जो रात गुजारने की तस्वीरें सामने आई है वह देश व प्रदेश में सत्तासीन पार्टी के रवैए पर सवाल खड़े कर रही है.

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कृषि कानूनों के विरोध में पिछले नौ महीनों से दिल्ली की सीमाओं पर डटे किसानों के रहने की व्यवस्था से सब वाकिफ हैं. भीषण सर्दी, तपती गर्मी व इसके बाद बरसात के मौसम में भी किसान हौसलों के साथ डटे हुए हैं. बिल्कुल यही नजारा कल रात करनाल में भी देखने को मिला जहां युवा से लेकर बुजुर्ग किसान खुलें आसमान के नीचे रात गुजारते हुए नजर आए. पुलिस द्वारा जो बेरिकेडिंग किसानों को रोकने के लिए लगाई गई थी, उन्हीं बेरिकेट्स पर कुछ किसान सोते हुए दिखें तो वही कुछ किसानों ने फुटपाथ को ही अपना बिस्तर बना लिया. बरसात, गर्मी और मच्छरों की परवाह किए बगैर दिन भर की भाग-दौड़ की थकान को मिटाने के लिए जहां किसानों को सोने की जगह मिली, वहीं पर लेट गए.

किसानों के इस हालत को देखकर सभी का ह्रदय विचलित हो रहा है और हर एक के मन में यही सवाल उठ रहा है कि देश का पेट भरने वाले किसानों की दुर्दशा का जिम्मेदार कौन है. नए कृषि कानूनों की समझ-नासमझ के बीच क्यूं सत्तासीन पार्टी किसानों को समझाने में कामयाब नही हो पा रही है. मौसम की मार,नकली दवाई- बीज और फसलों का उचित मूल्य न मिलना जैसे मुश्किलों से पहले ही जुझ रहे देश के किसान को नए कृषि कानूनों ने और मुश्किलों में डालने का काम किया है.

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Ajay Sehrawat
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मेरा नाम अजय सहरावत है. मीडिया जगत में पिछले 6 साल से काम कर रहा हूँ. बीते साढ़े 5 साल से Haryana E Khabar डिजिटल न्यूज़ वेबसाइट के लिए बतौर कंटेंट राइटर के पद पर काम कर रहा हूँ.