झज्जर- कुरुक्षेत्र रोडवेज वर्कशॉप में 330 में से 244 पद खाली, 1992 के बाद नहीं हुई नई भर्ती

कुरुक्षेत्र | हरियाणा के कुरुक्षेत्र और झज्जर रोडवेज की वर्कशॉप (Roadways Workshop) में इन दिनों कर्मचारियों की काफी कमी बनी हुई है. इसी के चलते बसों को ठीक से रिपेयर भी नहीं किया जा रहा और ये बसें बीच रास्ते में ही खड़ी हो रही हैं. इसका खामियाजा आम यात्रियों को भुगतना पड़ रहा है. वर्कशॉप में 165 कर्मचारियों की जरूरत है, लेकिन 114 पद रिक्त पड़े हैं. इसी प्रकार झज्जर में 165 कर्मचारियों की जरूरत है, लेकिन 130 पद रिक्त है.

Haryana Roadways Bus Rewari

खाली पड़े बहुत सारे पद

झज्जर बस स्टैंड व वर्कशाप प्रदेश में सबसे बड़ा है. कुरुक्षेत्र वर्कशाप में सबसे ज्यादा मैकेनिक के 48, हेल्पर के 36, टायरमैन के 18 व कारपेंटर के 11 पद खाली है, तो झज्जर जिले की वर्कशाप में मैकेनिक और इलेक्टिशियन के सबसे अधिक 50 से ज्यादा पद रिक्त है. इसी प्रकार सब डिपो बहा‌दुरगढ़ में भी स्टॉफ की कमी बनी हुई है. साल 1992 के बाद मैकेनिक व हेड मैकेनिक सहित मुख्य पदों पर भर्ती नहीं हुई है. 2018 में सिर्फ ग्रुप डी की भर्ती हुई थी. इनमें भी हाई क्वालिफिकेशन वाले बच्चों को सेलेक्ट किया गया.

बसों की रिपेयरिंग ITI पास छात्रों के सहारे

ये भी बसों के नट बोल्ट खोलने से दूर ही रहते हैं. सूत्रों के अनुसार, कुछ टायरमैनों के पदों पर महिला कर्मचारियों को नियुक्ति की है, जबकि वे बसों के टावर खोलने और उन्हें उठाने में समक्ष नहीं हैं. यही कारण है कि डिपो में बसों की रिपेयर अब आईटीआई पास बच्चों के सहारे हैं. यहां तक कि कुछ पदों पर कर्मचारियों को प्रमोट भी किया गया है. इस वजह से भी मूल पद खाली हो रहे हैं.

1 वर्ष के लिए विभाग की तरफ से आईटीआई पास युवाओं को प्रशिक्षण के लिए लगाया जाता है. रोडवेज कर्मियों की मानें तो पहले दिन और रात बसों की रिपेयर होती थी. यदि किसी रूट पर रात को बस खराब हो, तो उसकी सर्विस अगले दिन होती है.

कर्मचारियों की कमी: मैनेजर

कुरुक्षेत्र वर्कशॉप मैनेजर समिंदर सिंह ने कहा कि वर्कशॉप में कर्मचारियों की काफी कमी है. इसके लिए विभाग को पत्र लिखा गया है. आईटीआई पास युवाओं को 1 साल के लिए प्रशिक्षण पर लगाया जाता है. अगर कर्मचारियों की भर्ती हो जाए, तो काफी सुविधा मिल जाएगी.

सरकार को भेजी टेक्निकल स्टाफ की मांग

झज्जर परिवहन विभाग के महाप्रबंधक संजीव तिहाल ने कहा कि काफी समय से टेक्निकल पदों पर भर्ती नहीं हुई है. बसों की संख्या 165 है तो ऐसे में इतना ही टेक्निकल स्टाफ चाहिए है. इसके बारे में सरकार को डिमांड भेजी गई है.वर्तमान में 100 बसें ऐसी हैं जो नई है और जिनकी मेंटेनेंस के लिए अभी 4- 5 साल का समय है.

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Deepika Bhardwaj
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मेरा नाम दीपिका भारद्वाज है. पिछले साढ़े 5 साल से Haryana E Khabar वेबसाइट पर राइटर का काम कर रही हूँ. मैं यहाँ हरियाणा व दिल्ली में निकली सरकारी और प्राइवेट नौकरी से जुड़ी जानकारी साझा कर रही हूँ.