कुरुक्षेत्र | प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को कुरुक्षेत्र के ज्योतिसर में अनुभव केंद्र व पाञ्चजन्य शंख स्मारक का उद्घाटन किया. साथ ही, प्रधानमंत्री ने अनुभव केन्द्र का अवलोकन भी किया. इस अवसर पर हरियाणा के राज्यपाल प्रो. असीम कुमार घोष और मुख्यमंत्री श्री नायब सैनी भी मौजूद रहे.
पीएम मोदी ने कहा कि भारत की विरासत अद्भुत संगम बनकर आया है. आज सुबह मैं रामायण की नगरी अयोध्या में था और अब मैं गीता की नगरी कुरुक्षेत्र में हूँ. यहां हम सभी श्रीगुरू तेग बहादुर जी के 350 वें बलिदान दिवस पर उन्हें नमन कर रहे है. इस आयोजन में हमारे बीच जो संत मौजूद है, जो संगत उपस्थित है. मैं आप सभी को श्रद्धापूर्वक नमन करता हूँ.
साहस और धर्म की विजय का प्रतीक
उल्लेखनीय है कि यह स्मारक धर्म और विजय का प्रतीक है, जिसपर गीता के 18 श्लोक अंकित है. महाभारत के युद्ध में भगवान श्री कृष्ण ने न्याय और धर्म के साथ खड़े होकर दिव्य पंचजन्य शंख से ही शंखनाथ किया था. उन्नत वैदिक शैली के वैदिका पर स्थापित स्वर्णिम शंख पवित्रता, साहस और धर्म की विजय का प्रतीक है. यह पंचजन्य भारत के सनातन संदेश धर्म और दिव्य ज्ञान की याद दिलाता है.
पीएम मोदी ने किया नमन
उद्धाटन के पश्चात् प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, राज्यपाल प्रो. असीम घोष, मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और पर्यटन मंत्री डॉ. अरविंद शर्मा ने महाभारत अनुभव केन्द्र का अवलोकन किया और गीता की पावन धरा को नमन किया.
उन्होंने महाभारत अनुभव केंद्र में स्वागत कक्ष, महाकाव्य का सृजन कक्ष, प्राचीन महाभारत, कुरू वंशावली, द्रोपदी स्वयंवर, भगवान श्रीकृष्ण का विराट स्वरूप, गीता श्लोक, कृष्ण भूमिका, कुरुक्षेत्र 48 कोस, दसव अवतार सहित अन्य कक्षों का भी अवलोकन किया.
