गीता महोत्सव में कश्मीर से आई ये पश्मीना शॉल बनी आकर्षण का केंद्र, कीमत 2 लाख से ऊपर; सर्दी में भी छुड़ा देती है पसीना

कुरुक्षेत्र | हरियाणा के कुरुक्षेत्र में इन दिनों अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव (International Geeta Mahotsav) धूमधाम से मनाया जा रहा है. इसमें देश- विदेश से आए कलाकारों की हाथ से बनी चीजों की प्रदर्शनियां लगी हुई है. यहाँ शिल्पकारों की उत्तम किस्म की कलाकारी भी देखने को मिल रही है. यहाँ कश्मीर की पश्मीना शाल सब के आकर्षण का केंद्र बनी हुई है. बता दें कि इसकी कीमत 2,30,000 रुपए है. इसके बारे में दुकान के मालिक शाह मुर्तजा ने बताया कि इसे बनाने में 8 से 9 महीने का समय लगता है और इसे स्पेशल ऑर्डर पर ही बनाया जाता है.

Pashmina Shawl

बनाने में लगता है काफी समय और मेहनत

वह बताते हैं कि किसी भी उत्तम किस्म की साल को बनाने में काफी समय और मेहनत लगता है, यही कारण है कि उनके दाम भी ज्यादा होते हैं. पश्मीना शॉल जिनकी शुरूआती कीमत ₹9000 होती है कि डिमांड बांग्लादेश और ऑस्ट्रेलिया तक है. यह इतनी ज्यादा मुलायम और हल्की होती है कि एक अंगूठी से भी से आसानी से निकाला जा सकता है.

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कुरुक्षेत्र में हर साल अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव का आयोजन होता है. इस मौके पर देश और विदेशों तक के कलाकार अपने शिल्प कला के सामानों को बेचते हैं. अबकी बार चल रहा गीता महोत्सव 15 दिसंबर तक चलेगा.

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Nisha Tanwar
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