महेंद्रगढ़ में स्कूल चेयरमैन की सामाजिक पहल ने बटोरी सुर्खियां, वापस लौटाए दहेज में मिले 1 करोड़ रुपए

महेंद्रगढ़ | हरियाणा में बिना दान- दहेज के की गई एक और शादी चौतरफा सुर्खियां बटोर रही है. हर कोई इस पहल को समाज में एक नई उम्मीद और सकारात्मक संदेश का प्रचार बता रहा है. लोगों का कहना है कि दहेज प्रथा जैसी सामाजिक कुरिति ने समाज की जड़ों को खोखला बना दिया है. इसकी वजह से न जाने कितने बसे- बसाए परिवार उजड़ चुके हैं. इसकी मांग ने अनगिनत बेटियों के जीवन की डगर को मुश्किल बना दिया है.

Mahendragarh Shadi

वापस लौटाएं 1 करोड़ रुपए

एसडी स्कूल के चेयरमैन जगदेव यादव ने ऐतिहासिक और साहसिक कदम उठाते हुए दहेज को सिरे से नकार दिया. उन्होंने न सिर्फ अपने बेटे का विवाह बिना दान- दहेज के किया, बल्कि विवाह के दौरान पारंपरिक रस्मों के नाम पर आई 1 करोड़ रुपए की दहेज राशि को ससम्मान लड़की पक्ष को लौटा दिया. इस मौके पर उन्होंने कहा कि सामाजिक परिवर्तन बातों से नहीं आता है, बल्कि मजबूत संकल्प और कर्म से आता है.

स्थानीय लोगों ने कहा कि यह शादी आने वाली पीढ़ियों के लिए एक प्रेरणा स्रोत बन गई है. उनका कहना है कि शिक्षा संस्थानों से जुड़े लोगों को सिर्फ किताबों से नहीं, बल्कि खुद भी आगे आकर समाज में सकारात्मक उदाहरण पेश करने चाहिए और मास्टर जगदेव यादव ने यही किया है. ऐसे वातावरण में उनका यह कदम किसी क्रांति से कम नहीं है.

समाज में बड़ा प्रभाव

बिना दान- दहेज की गई शादी की पहल जगदेव यादव अकेले नहीं कर रहे थे, बल्कि पूरा परिवार उनके साथ खड़ा था. उनके बेटे ने भी विवाह से पहले खुद मना कर दिया था कि दहेज लेना या मांगना उनकी मर्यादा और संस्कार के खिलाफ है. स्कूल के कई अभिभावकों ने कहा कि यदि समाज के जिम्मेदार लोग इस तरह की पहल को बढ़ावा देंगे, तो दहेज प्रथा जैसी सामाजिक कुरिति को जड़ से खत्म करने में मदद मिलेगी.

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Ajay Sehrawat
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मेरा नाम अजय सहरावत है. मीडिया जगत में पिछले 6 साल से काम कर रहा हूँ. बीते साढ़े 5 साल से Haryana E Khabar डिजिटल न्यूज़ वेबसाइट के लिए बतौर कंटेंट राइटर के पद पर काम कर रहा हूँ.