नई दिल्ली । देश की आबादी का एक बड़ा तबका खेतीबाड़ी पर निर्भर करता है. कोरोना (Corona) काल के दौरान जब विभिन्न गतिविधियां रुकने से देश की अर्थव्यवस्था डगमगा गई थी, तब किसानों ने ही देश को इस संकट से उबारा था. भारतीय अर्थव्यवस्था में कृषि क्षेत्र का बहुत बड़ा योगदान हैं और इसको लेकर सरकार किसानों के लिए समय- समय पर अनेक योजनाएं बनाती रहती है.
फिलहाल केन्द्र सरकार (Modi Government) किसानों के लिए दो महत्वपूर्ण योजनाएं चला रही है जो किसानों के लिए आर्थिक दृष्टि से बड़ी महत्वपूर्ण है. पहली योजना का नाम पीएम किसान योजना (PM KISHAN YOZNA) है और दूसरी योजना का नाम पीएम किसान मानधन योजना है. दोनों योजनाओं के जरिए मोदी सरकार किसानों को आर्थिक सहायता प्रदान कर उन्हें सशक्त बनाना चाहती है.
पीएम किसान योजना के तहत किसानों को जहां साल भर में तीन किश्तों के जरिए 6 हजार रुपए की आर्थिक सहायता दी जाती है तो वहीं दूसरी योजना के तहत किसानों को हर साल 36 हजार रुपए मिल सकतें हैं. हालांकि यह योजना पेंशन योजना है, जोकि 60 वर्ष की आयु पूरी होने के बाद ही दी जाती है.
क्या हैं पीएम किसान मानधन योजना
इस योजना के तहत किसानों को हर साल मामूली राशि जमा करवानी होती है. इस योजना का फायदा 18 से 40 साल की उम्र के बीच का कोई भी किसान उठा सकता है. हालांकि जितनी आपकी उम्र होगी, उस हिसाब से राशि में भी बदलाव आएगा. यह राशि 55 रुपए से लेकर 200 रुपए महीने के बीच आती है.
जमा करने होंगे इतने रुपए
पीएम किसान मानधन योजना के तहत, जिस किसान की उम्र 18 साल से 29 साल के बीच में हैं, उन्हें 55 रुपए से लेकर 109 रुपए के बीच में प्रति माह जमा करवाना होगा. वहीं 30 से 39 साल की उम्र के किसानों को प्रति माह 110 रुपए से लेकर 199 रुपए के बीच जमा कराने होंगे. जब ये किसान अपनी उम्र के 60 साल पूरे कर लेंगे, तब इन किसानों को 3 हजार रुपए प्रति माह पेंशन के रूप में मिलेंगे. यानि हर साल किसानों को 36 हजार रुपए की राशि प्रदान की जाएगी.
