नई दिल्ली | खाद्य तेलों की आसमान छूती कीमतों और जमाखोरी पर नकेल कसने के उद्देश्य से केंद्र सरकार (Central Govt) ने एक बड़ा कदम उठाया है. सरकार ने ‘वेजिटेबल ऑयल प्रोडक्शन एंड अवेलेबिलिटी ऑर्डर 2025’ का ड्राफ्ट जारी कर दिया है, जिसका उद्देश्य मार्केट में पारदर्शिता, कीमतों पर नियंत्रण और उपभोक्ताओं की सुरक्षा सुनिश्चित करना रहेगा. इस प्रस्ताव पर सभी हितधारकों से 11 जुलाई तक सुझाव मांगे गए हैं.

इस ड्राफ्ट के तहत, खाद्य तेल कंपनियों को प्रत्येक महीने अपने उत्पादन, स्टॉक, बिक्री, आयात और निर्यात की संपूर्ण जानकारी सरकार को देनी होगी. अभी तक यह जरूरी नहीं था, जिससे सरकार को मार्केट की वास्तविक स्थिति का आंकलन करने में परेशानी हो रही थी. यदि कोई कंपनी नियमों के उल्लघंन में संलिप्त मिली तो सरकार प्लांट निरीक्षण से लेकर कानूनी कार्रवाई अमल में ला सकती है.
मानक पैक साइज फिर से होंगे अनिवार्य
पिछले कुछ सालों से देखने में आया है कि कंपनियां 800 ग्राम, 810 ग्राम और 850 ग्राम जैसे अनियमित पैकेट साइज के नाम पर उपभोक्ताओं से 1 किलोग्राम के बराबर कीमत वसूल रही है. लेकिन अब केंद्र सरकार द्वारा इन धांधलियों पर अंकुश लगाने के लिए 500 ग्राम, 1 व 2 किलोग्राम और 5 किलोग्राम जैसे मानक पैक साइज को फिर से अनिवार्य करने की योजना पर काम हो रहा है. इससे भ्रम की स्थिति खत्म होगी और मूल्य के हेर-फेर पर भी रोक लगेगी.
बढ़ती मांग से कीमतों में तेजी
- 2020- 21: 24.6 मिलियन टन
- 2022- 23: 28.9 मिलियन टन
बढ़ती मांग के साथ आसमान पर कीमतें
- सरसों तेल: 135.50- 170.66 रुपए प्रति किलोग्राम
- सोया तेल: 123.61- 147.04 रुपए प्रति किलोग्राम
- सूरजमुखी तेल: 123.17- 160.77 रुपए प्रति किलोग्राम
- पाम तेल: 101- 135.04 रुपए प्रति किलोग्राम
- वनस्पति तेल: 126.40- 154.71 रुपए प्रति किलो
केवल मूंगफली तेल के भाव में स्थिरता देखी जा सकती है.