नई दिल्ली | राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में बढ़ते प्रदूषण से खराब हालात हो गए है. यहां कई जगहों पर एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) बेहद ही खराब स्थिति में है, जिसके चलते ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान (GRAP) का चौथा चरण लागू हो चुका है. अब दिल्ली में लोगों को कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. इसमें निर्माण कार्यों पर रोक और डीजल जेनरेटर के इस्तेमाल पर पूर्ण प्रतिबंध शामिल है. कक्षा 1 से 5वीं तक के स्कूलों में ऑनलाइन मोड से कक्षाएं लगाने का निर्णय लिया है.
सरकार देगी आर्थिक सहायता
लगातार बढ़ते प्रदूषण को देखते हुए सीएम रेखा गुप्ता ने मजदूरों के हित में एक बड़ा फैसला लिया है. निर्माण कार्यों पर रोक के चलते दिल्ली सरकार ने मजदूरों को आर्थिक सहायता देने का निर्णय लिया है. निर्माण कार्यों पर रोक से प्रभावित सभी रजिस्टर्ड और वेरिफाइड निर्माण मजदूरों के बैंक खातों में डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के जरिए से 10 हजार रुपए भेजे जाएंगे.
अधिकारियों ने बताया कि सरकार के इस फैसले से उन मजदूरों को फायदा होगा, जो अपने परिवार के पालन- पोषण के लिए निर्माण कार्यों पर निर्भर है. रोज मिलने वाली मजदूरी से उनका गुजारा होता है और ऐसे में 10 हजार रुपए से उनको मदद मिलेगी.
कर्मचारी करेंगे वर्क फ्रॉम होम
बढ़ते प्रदूषण को देखते हुए दूसरा फैसला लिया कि सभी सरकारी और प्राइवेट कार्यालयों में 50% कर्मचारियों के लिए घर से काम करना जरूरी कर दिया है. इसमें स्वास्थ्य सेवाओं जैसी जरूरी सुविधाए भी मिलेगी. सरकार के इस फैसले से गाड़ी सड़कों पर कम चलेगी, जिससे प्रदूषण में कमी आएगी और प्रदूषण नियंत्रण में आसानी होगी.
