गुरुग्राम | पुराने शहर तक मेट्रो विस्तार परियोजना के तहत बसई इलाके में प्रस्तावित मेट्रो कॉरिडोर को लेकर गुरुग्राम मेट्रो रेल लिमिटेड (GMRL) ने सर्वे शुरू कर दिया है. इस सर्वे का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि मेट्रो कॉरिडोर के निर्माण से प्रवासी पक्षियों की आवाजाही और उनके प्राकृतिक आवास पर किसी तरह का प्रतिकूल असर न पड़े.

दरअसल, बसई क्षेत्र में जलभराव वाली कई जगहें हैं, जहां सालभर पानी जमा रहता है जिससे यहां बड़ी संख्या में प्रवासी पक्षी पहुंचते हैं. इस स्थिति को देखते हुए जीएमआरएल यह अध्ययन कर रहा है कि मेट्रो कॉरिडोर कितनी दूरी पर विकसित किया जाए, ताकि पक्षियों की आवाजाही प्रभावित न हो.
गुरुग्राम मेट्रो विस्तार
गुरुग्राम में मेट्रो विस्तार का कार्य दो चरणों में किया जा रहा है. पहले चरण में मिलेनियम सिटी सेंटर गुरुग्राम मेट्रो स्टेशन से सेक्टर- 9 तक मेट्रो लाइन का विस्तार होगा. इसके बाद, दूसरे चरण में सेक्टर-9 से साइबर सिटी तक मेट्रो कॉरिडोर विकसित किया जाएगा. प्रस्तावित कॉरिडोर गांव बसई के नजदीक से होकर गुजरेगा इसलिए पर्यावरणीय पहलुओं को विशेष प्राथमिकता दी जा रही है. अब इस हिस्से में केवल बिजली के खंभों को हटाने का काम बाकी है. इस संबंध में जीएमआरएल और बिजली निगम के बीच बातचीत हो चुकी है. बिजली निगम ने अगले कुछ महीनों के भीतर सभी खंभे हटाने का भरोसा दिया है, जिसके बाद इस हिस्से में मेट्रो निर्माण कार्य और तेजी से आगे बढ़ सकेगा.
जरूरी पहलुओं का ध्यान
पक्षियों के संरक्षण को ध्यान में रखते हुए जीएमआरएल पहले ही बसई इलाके में प्रस्तावित अपने मेट्रो डिपो को सेक्टर- 33 में स्थानांतरित कर चुका है. जीएमआरएल के प्रवक्ता के अनुसार, परियोजना के निर्माण में पर्यावरण सहित सभी जरूरी पहलुओं का ध्यान रखा जा रहा है. वहीं, मेट्रो परियोजना के निर्माण कार्य को लेकर हीरो होंडा चौक से उमंग भारद्वाज चौक तक का रूट लगभग पूरी तरह साफ हो चुका है. खांडसा चौक के पास एक निर्माण को लेकर विवाद था, जिसे समाप्त होने के बाद संबंधित ढांचे को हटा दिया गया है.