वेज थाली खाना महंगा और नॉन-वेज थाली खाना हुआ सस्ता, जानें इसके पीछे की बड़ी वजह

नई दिल्ली | हिंदुस्तान में एक वेजेटेरियन थाली की कीमत मई महीने में 9 फीसदी बढ़कर 27.8 रूपए हो गई है जबकि पिछले साल इसी समय इस थाली की कीमत 25.5 रूपए थी. कीमत का आंकलन सालाना आधार पर किया जाता है. क्रिसिल ने 6 जून को जारी किए अपने फूड प्लेट कॉस्ट के मंथली इंडिकेटर में इस जानकारी को शेयर किया है.

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नॉन-वेज थाली की घटी कीमत

वहीं, नॉन-वेज थाली की कीमत में गिरावट दर्ज हुई है. पिछले साल मई में नॉन-वेज थाली की कीमत 59.9 रूपए थी लेकिन इस साल कीमत 7 प्रतिशत गिरावट के साथ 55.9 रूपए हो गई है.

कीमत बढ़ने की वजह

क्रिसिल ने अपनी रिपोर्ट में बताया है कि सालाना आधार पर टमाटर (39%), आलू (41%) और प्याज (46%) की कीमतों में बढ़ोतरी के चलते वेज थाली की कीमत में ये इजाफा देखने को मिला है. सालाना आधार पर चावल (13%) और दालों (21%) की कीमतें भी बढ़ी है. वहीं, जीरा, मिर्च और वेजिटेबल ऑयल की कीमतों में गिरावट ने वेज थाली की कीमत को और अधिक बढ़ने से रोका है.

नॉन-वेज थाली की कीमत में गिरावट की बड़ी वजह

वहीं नॉन- वेज थाली की कीमत में ये गिरावट ब्रॉयलर्स यानि चिकन के प्राइस में सालाना आधार पर 16% की कमी के चलते आई है. नॉन-वेज थाली की लागत में ब्रॉयलर की 50% हिस्सेदारी होती है. वहीं अप्रैल में 56.3 रुपए की तुलना में नॉन-वेज थाली तैयार करने की लागत में 1% की कमी आई है.

ऐसे कैलकुलेट होती है थाली की एवरेज कीमत

  • क्रिसिल ने नॉर्थ, साउथ, ईस्ट और वेस्ट इंडिया में मौजूदा फूड कीमतों के आधार पर घर में थाली तैयार करने की एवरेज कॉस्ट कैलकुलेट की है. मंथली चेंज से आम आदमी के खर्च पर असर पड़ता है.
  • क्रिसिल के डेटा से अनाज, दालें, ब्रॉयलर्स (चिकन), सब्जियां, मसाले, एडिबल ऑयल और कुकिंग गैस सहित उन सामग्रियों का भी पता चलता है, जो थाली की कीमत में बदलाव लाते हैं.
  • वेज थाली में रोटी, सब्जियां (प्याज, टमाटर और आलू), चावल, दाल, दही और सलाद शामिल होता है. वहीं नॉन-वेज थाली में दाल की जगह चिकन को शामिल किया गया है.

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