नई दिल्ली | राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली की नवनिर्वाचित भारतीय जनता पार्टी (BJP) की सरकार लोगों के हित में निरंतर नए फैसले ले रही है. अब दिल्ली के सभी 36 सरकारी अस्पतालों में MRI सुविधा उपलब्ध कराने की योजना बनाई गई है. फिलहाल, यह सुविधा तीन सरकारी अस्पतालों इंदिरा गांधी अस्पताल, जीबी पंत और लोकनायक अस्पताल में ही उपलब्ध है.
कैबिनेट बैठक में रखा जाएगा प्रस्ताव
दिल्ली के बाकी सरकारी अस्पतालों में MRI सुविधा न होने से मरीजों को या तो प्राइवेट लैब में पैसा खर्च कर जांच करानी पड़ती है या फिर सरकारी अस्पतालों में महीनों तक अपना नंबर आने का इंतजार करना पड़ता है. अब इस बड़ी समस्या को हल करने के लिए दिल्ली की बीजेपी सरकार एक अहम कदम उठाने जा रही है.
इस बार होने वाली मंत्रिमंडल की बैठक में स्वास्थ्य विभाग द्वारा एक प्रस्ताव को रखा जाएगा, जिसमें दिल्ली के सभी सरकारी अस्पतालों में MRI सेवा शुरू करने की योजना है. यदि बैठक में इस प्रस्ताव को मंजूरी दी जाती है, तो दिल्ली स्वास्थ्य विभाग MRI मशीनें खरीदने और उन्हें अस्पतालों में लगाने के लिए टेंडर जारी करेगा. इस योजना का सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि मरीजों को MRI जैसी जरूरी जांचों के लिए कोई पैसा खर्च नहीं करना पड़ेगा. इससे राजधानी में स्वास्थ्य सेवाओं का बुनियादी ढांचा मजबूत हो सकेगा.
क्या होती है MRI?
स्वास्थ्य विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि इस फैसले से न केवल मरीजों को बड़े स्तर पर राहत पहुंचेगी, बल्कि अस्पतालों में जांच प्रक्रिया भी तेज और सुविधाजनक होगी. कई बार मरीजों की हालत गंभीर होती है और तुरंत MRI की जरूरत होती है, लेकिन मशीन उपलब्ध न होने के कारण इलाज में देरी हो जाती है.
मैग्नेटिक रेजोनेंस इमेजिंग (MRI) एक आधुनिक जांच तकनीक है, जिससे शरीर के अंदर की स्थिति का सटीक पता चलता है. गंभीर बीमारियों जैसे ब्रेन ट्यूमर, स्पाइनल इंजरी, कैंसर आदि की पहचान में यह जांच बेहद जरूरी होती है.
