नई दिल्ली | कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) कर्मचारियों के लिए एक अच्छी खबर सामने आई है. केंद्र की मोदी सरकार कर्मचारी पेंशन योजना (EPS) के तहत न्यूनतम पेंशन को मौजूदा 1 हजार रुपए प्रति माह से बढ़ाकर 3 हजार रुपए करने की योजना बना रही है. एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी ने बताया कि आने वाले कुछ महीनों में इस फैसले को लागू किया जा सकता है.
क्या हैं EPS?
EPS भारत में संगठित क्षेत्र के कर्मचारियों के लिए एक रिटायरमेंट स्कीम है. इसे कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) संचालित करता है. इसका उद्देश्य रिटायरमेंट के बाद निजी क्षेत्र के कर्मचारियों को एक निश्चित मासिक आय का लाभ देना है.
इस योजना का फंड नियोक्ता यानि कंपनी के योगदान से आता है. कर्मचारी भविष्य निधि (EPF) में इसके कुल 12 योगदान में से 8.33% EPS और शेष 3.67 प्रतिशत EPF में जाता है. वर्तमान में EPS का कुल फंड 8 लाख करोड़ रुपए से ज्यादा का हैं. इस योजना के तहत, पेंशनर्स की संख्या का आंकड़ा करीब 78.5 लाख हैं. इनमें से 36.6 लाख लोगों को सिर्फ 1,000 रुपये प्रति माह न्यूनतम पेंशन मिल रही है.
मूल्यांकन में जुटी सरकार
सरकारी अधिकारी ने बताया कि श्रम मंत्रालय वर्तमान में 3,000 रुपये पेंशन लागू करने से जुड़ी अतिरिक्त लागत का मूल्यांकन कर रहा है. सितंबर 2014 से सरकार 1,000 रुपये की न्यूनतम पेंशन सुनिश्चित करने के लिए अनुदान देती है, यानि अगर किसी सदस्य की पेंशन 1,000 रुपये से कम है तो सरकार अंतर की राशि अपनी जेब से भरती है.
