इनसाइड स्टोरी: कैसे दिया गया था सिद्धू मूसेवाला हत्याकांड को अंजाम, जानिए पूरी कहानी

नई दिल्ली, Sidhu Moosewala | दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने सिद्धू मूसेवाला हत्याकांड केस (Sidhu Moosewala Murder) की पूरी स्टोरी बता दी कि आखिर कैसे इस हत्याकांड का अंजाम दिया गया था. स्पेशल सेल ने बताया कि हत्या में दो मॉड्यूल शामिल थे. जो काफी समय से सिद्धू पर नज़र रखे थे और जिस दिन इन्हें पता चला कि आज सुरक्षा टीम सिद्धू मूसेवाला के साथ नहीं है उसी दिन इन्होंने हमला कर दिया. हमला करने के बाद इन लोगों ने लंदन में बैठे गोल्डी बराड़ (Goldi Barar) को फोन कर सिद्धू की मौत की ख़बर दी. इसके बाद प्रियव्रत फौजी (Priyavrat Fauji) वाला मॉड्यूल पहले पंजाब में छिपा रहा फिर किसी तरह बच-बचा कर गुजरात पहुंच गया. जहां इन्हें मुंद्रा पोर्ट से गिरफ्तार कर लिया गया.

Sidhu Moose Wala

किराए पर कमरा लेकर गुजरात में छिपे थे हत्यारे

इन लोगों ने गुजरात में मुंद्रा पोर्ट के पास खारी मिट्ठी रोड, बरोई गांव में किराए पर कमरा ले रखा था. जब इन्हें गिरफ्तार किया गया तब इनके पास से आठ ग्रैनेड, अंडर बैरल ग्रैनेड लॉन्चर, 9 इलेक्ट्रिक डेटोनेटर, एक असॉल्ट राइफल 20 राउंड गोलियों के साथ, 0.30 बोर के तीन पिस्टल, 36 राउंड गोलियां (7.62MM) और एके सीरीज की असॉल्ट राइफल का एक हिस्सा भी बरामद हुआ है.

6 शूटरों में से 4 गिरफ्तार

दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल के कमिश्नर एचजीएस धालीवाल ने बताया कि ”सिद्धू मूसेवाला की हत्या के बाद से ही स्पेशल सेल ने इस केस पर काम करना शुरू कर दिया था. जिसके बाद संदीप नांगल केस और विक्की मिद्दुखेड़ा केस के आरोपियों को गिरफ्तार किया गया. वहीं, हर जोन की टीमें लगातार अलग-अलग जेलों में बंद अपराधियों और अन्य आपराधिक नेटवर्क से इस केस के लिंक को तलाशने की कोशिश में लग गई. जिसके बाद छह शूटरों में से चार को गिरफ्तार किया गया है. इस मामले में और भी लोगों को गिरफ्तार किया गया. इनमें वो लोग शामिल थे जिन्होंने सूचना देने, हत्यारों की मदद करने और उन्हें इधर से उधर ले जाने का काम किया था.

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गौरतलब है कि इस हत्याकांड में गोलियां चलाने में दो मॉड्यूल शामिल थे. जो लंदन में बैठे गोल्डी बराड़ के टच में थे. सिद्धू मूसेवाला का पीछा कर रही बोलेरो कार को कशिश चला रहा था और इस मॉड्यूल को प्रियव्रत फौजी लीड कर रहा था. वहीं, कोरोला कार को जगरूप रूपा चला रहा था और उसके साथ मनप्रीत मन्नू बैठा था.

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मनप्रीत मन्नू ने चलाई पहली गोली

सिद्धू मूसेवाला की थार को कोरोला कार ने ओवरटेक किया और सबसे पहले मनप्रीत मन्नू ने AK-47 से फायर किया. पहली ही गोली सिद्धू मूसेवाला को लग गई जिस कारण कार वहीं रुक गई. इसके बाद ये दोनों कोरोला से उतरे तब तक बोलेरो कार भी आ गई और बाकी के चार लोग भी उतर गए. सबने ने सिद्धू पर जमकर गोलियां बरसाईं. जब इन लोगों को लगा कि सिद्धू के बचने का चांस नहीं है तो ये लोग वहां से चले गए. जिनमें से जगरूप रूपा और मनप्रीत मन्नू अलग चले गए और बाकी के चार लोग अलग चले गए.

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4 लोगों की गिरफ्तारी अभी भी बाकी

दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने कहा कि ”हमारा लक्ष्य हत्या का कारण पता लगाना नहीं है. हम ऐंटी टेरर के एंगल से इस केस को देखते हैं ताकि ऐसे मामले राजधानी में न हो पाएं.” स्पेशल सेल ने बताया कि इस मामले में अभी भी 4 लोगों को गिरफ्तार करना बाकी है. जिनमें से दो बोलेरो कार में सवार अंकित सिरसा, दीपक मुंडी है और कोरोला कार में सवार जगरूप रूपा और मनप्रीत मन्नू है, जो अभी भी फरार हैं.

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