नई दिल्ली | राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और NCR क्षेत्र में ट्रैफिक संचालन को सुगम बनाने की दिशा में निरंतर नए प्रयास किए जा रहे हैं. इसी कड़ी में यमुना एक्सप्रेसवे को कुंडली- गाजियाबाद- पलवल (KGP) से जोड़ने के लिए इंटरचेंज का डिजाइन तैयार किया गया है. बहुत जल्द इस इंटरचेंज का निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा.
इसी साल पूरा होगा काम
नेशनल हाईवे ऑथोरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) की टीम ने दोनों एक्सप्रेसवे को जोड़ने के लिए इंटरचेंज की जमीन का सर्वेक्षण कर लिया है. इसका निर्माण कार्य इसी साल के आखिर तक पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है. NHAI के एक अधिकारी ने बताया कि यमुना एक्सप्रेसवे के जीरो पॉइंट से 10 किलोमीटर पर जगनपुर- अफजलपुर में KGP एक्सप्रेसवे को जोड़ा जायेगा और इसके लिए 60 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण हो चुका है.
20 किलोमीटर की अतिरिक्त दूरी तय करने से छुटकारा
उन्होंने बताया कि NHAI द्वारा इस इंटरचेंज का निर्माण कार्य पूरा किया जाएगा. निर्माण कार्य शुरू करने के लिए सभी औपचारिकताएं पूरी कर ली गई है. इसके निर्माण पर करीब 270 करोड़ रूपए की लागत आएगी. इन दोनों एक्सप्रेसवे के जुड़ने से लोगों को 20 किलोमीटर की अतिरिक्त दूरी तय करने से छुटकारा मिलेगा.
ग्रेटर नोएडा से होकर गुजर रहे KGP एक्सप्रेसवे का यमुना एक्सप्रेसवे से जोड़ने के लिए कोई लिंक नहीं है. KGP एक्सप्रेसवे पर आगरा जाने वाले वाहन चालक 15 से 20 किलोमीटर का चक्कर लगाकर आगे जाते हैं. इस दौरान उन्हें परी चौक और कासना के ट्रैफिक जाम से जूझना पड़ता है. फिलहाल, सिरसा के पास KGP एक्सप्रेसवे का इंटरचेंज है.
दोनों ओर बनेंगे 8 लूप
दोनों ही एक्सप्रेसवे को जोड़ने के लिए इंटरचेज पर 8 लूप बनाए जाने हैं, जो कुल 11 किलोमीटर के होंगे. इनमें 4 लूप उतरने और 4 लूप चढ़ने के लिए बनाए जाएंगे. इससे एक्सप्रेसवे पर सफर करने वाले लोगों को इंटरचेंज से उतरने- चढ़ने के लिए ट्रैफिक जाम से नहीं जूझना पड़ेगा.
