नई दिल्ली | पेट्रोल- डीजल की आसमान छूती कीमतों से जूझ रहे आमजन के लिए राहत भरी खबर सामने आ रही है. हालांकि, पिछले 20 महीने से पेट्रोल और डीजल की कीमतें स्थिर बनी हुई है लेकिन अब जो रिपोर्ट सामने आई है. उससे लग रहा है कि ईंधन के दामों में जल्द कटौती देखने को मिल सकती है. ईटी नाउ की रिपोर्ट के मुताबिक, केन्द्र सरकार अगले साल होने वाले लोकसभा चुनावों से पहले वैश्विक कच्चे तेल की कीमतों में नरमी का लाभ आमजन तक पहुंचाने के तरीकों पर चर्चा कर रही है.
साल 2022 में पेट्रोल पर 17 रूपए और डीजल पर 35 रुपए प्रति लीटर के नुकसान के बाद अब ओएमसी पेट्रोल पर 8- 10 रूपए और डीजल पर 3- 4 रुपए प्रति लीटर का मुनाफा कमा रही है. रिपोर्ट के मुताबिक, तेल मंत्रालय पहले ही ओएमसी के साथ कच्चे तेल और रिटेल प्राइस को लेकर चर्चा कर चुका है.
सस्ता होने की उम्मीद
पिछली तीन तिमाहियों में मजबूत मुनाफे के कारण तीनों ओएमसी (आईओसी, एचपीसीएल और बीपीसीएल) का ज्वाइट प्रॉफिट पिछली तिमाही में 28,000 हजार करोड़ रुपए था. चूंकि, ओएमसी की अंडर-रिकवरी खत्म हो गई है. इसलिए सरकार सोच रही है कि ग्राहकों को भी इसका लाभ मिलना चाहिए. इस सप्ताह की शुरुआत में मांग में गिरावट और ओपेक + सप्लाई कटौती को बढ़ाने को लेकर पैदा हुई अनिश्चितता के बीच कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट आई है.
इससे पहले मिंट ने एनालिस्टों के हवाले से खबर दी थी कि तेल की गिरती कीमतों से भारत को महंगाई कम करने में मदद मिल सकती है. उन्होंने यह भी बताया था कि तेल की कीमतों में गिरावट से भारतीय इक्विटी बाजार को बढ़ावा मिलेगा. खासकर उन क्षेत्रों को जो कच्चे माल के रूप में कच्चे तेल का उपयोग करते हैं.
