नई दिल्ली | प्रधानमंत्री अर्बन एक्सटेंशन रोड- 2 (UER- II) और देश के पहले एलिवेटेड अर्बन एक्सप्रेसवे द्वारका एक्सप्रेसवे का लोकार्पण करेंगे. 16 अगस्त को PM मोदी दिल्ली- एनसीआर को नई कनेक्टिविटी सुविधाओं की सौगात देंगे. माना जा रहा है कि इन दोनों हाईवे से न केवल ट्रैफिक जाम की समस्या कम होगी, बल्कि एनसीआर की अर्थव्यवस्था और रियल एस्टेट सेक्टर को भी मजबूती मिलेगी.
दिल्ली को मिलेगा तीसरा रिंग रोड
राजधानी दिल्ली को इनर और आउटर रिंग रोड के बाद अब तीसरे रिंग रोड का तोहफा मिलने वाला है. 70 किलोमीटर लंबा यह एक्सेस- कंट्रोल्ड हाईवे ₹7,716 करोड़ की लागत से बना है. यह अलीपुर (NH-44, चंडीगढ़ हाईवे) से शुरू होकर मुंडका, बक्करवाला, नजफगढ़, द्वारका होते हुए IGI एयरपोर्ट के पास महिपालपुर तक जाएगा. इसके जरिए दिल्ली से बाहर से आने वाले वाहन बिना राजधानी में प्रवेश किए दूसरे हाईवे से जुड़ सकेंगे. अनुमान है कि इससे दिल्ली का ट्रैफिक 30 से 40% कम होगा.
ट्रैफिक जाम में आएगी कमी
द्वारका एक्सप्रेसवे 29 किलोमीटर लंबा, 8-लेन का सिग्नल- फ्री हाईवे है, जिसे ₹9,000 करोड़ की लागत से तैयार किया गया है. इसमें सिंगल पिलर पर बनी एलिवेटेड रोड, मल्टी- लेवल इंटरचेंज और देश की सबसे चौड़ी 3.6 किलोमीटर लंबी सुरंग शामिल है. यह दिल्ली के शिव मूर्ति से गुरुग्राम के खेड़की दौला टोल प्लाजा तक जाएगा. इसके शुरू होने से दिल्ली- गुरुग्राम एक्सप्रेसवे पर ट्रैफिक का बोझ 50% तक घटेगा और एयरपोर्ट तक पहुंचना काफी आसान होगा.
इन्हें होगा फायदा
रियल एस्टेट विशेषज्ञों का कहना है कि कनेक्टिविटी बेहतर होने से प्रॉपर्टी की कीमतों में 25% से 40% तक की बढ़ोतरी हो सकती है. UER- II के कारण सोनीपत, बहादुरगढ़ और रोहतक कॉरिडोर की दिल्ली और एयरपोर्ट से कनेक्टिविटी मजबूत होगी, जिससे इंडस्ट्रियल और वेयरहाउसिंग सेक्टर को लाभ होगा. इसके अलावा, लग्जरी और कमर्शियल प्रोजेक्ट्स की मांग में भी तेजी आएगी.
