नई दिल्ली | भारत सरकार (Central Govt) द्वारा बुजुर्गों को सहायता प्रदान करने के लिए आयुष्मान वय वंदन कार्ड की सौगात दी गई है. इसके तहत, जो बुजुर्ग 70 साल या उससे ज्यादा उम्र के हैं उन्हें ₹500000 तक के मुफ्त इलाज की सुविधा दी जा रही है. अगर कोई सीनियर सिटीजन यह कार्ड बनवा लेता है तो उन्हें 30000 से ज्यादा सरकारी और प्राइवेट दोनों तरह के अस्पताल में इलाज करवा पाने की सुविधा मिलती है.
इन्हें बनवाने में केवल आधार कार्ड की आवश्यकता पड़ती है. आज हम आपको इसे बनवाने की प्रक्रिया और इसके फायदों के बारे में पूरी जानकारी देंगे.
योजना के लाभ
सबसे पहले यह जान लीजिए कि यह योजना है क्या. दरअसल, इस योजना को 23 सितंबर 2018 को लॉन्च किया गया था, जिसे राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण द्वारा लागू किया गया है. इसके तहत देश भर के 30,000 से ज्यादा सरकारी और प्राइवेट अस्पतालों में कैशलेस इलाज की सुविधा दी जाती है. इस योजना के तहत, 1961 प्रकार की बीमारियों पर ₹500000 तक के मुफ्त इलाज की सुविधा दी जाती है. इनमें कैंसर, हार्ट सर्जरी, डायलिसिस, जोड़ों का ऑपरेशन आदि शामिल हैं. जो सीनियर सिटीजन इस योजना के तहत कवर होते हैं, उन्हें पहले दिन से ही पुरानी बीमारियों का कवर भी दिया जाता है.
ऐसे बनवाए आयुष्मान कार्ड
- सबसे पहले आपको गूगल प्ले स्टोर से ‘आयुष्मान ऐप’ डाउनलोड करना होगा या फिर वेबसाइट beneficiary.nic.gov.in पर जाना होगा.
- उसके बाद, आपको बेनिफिशियरी/ ऑपरेटर के रूप में लॉगिन करना होगा.
- अगली स्क्रीन पर अपने मोबाइल नंबर, कैप्चा कोड और ओटीपी को दर्ज करके सबमिट बटन पर क्लिक करना होगा.
- आधार ई- केवाईसी में बुजुर्ग का नाम, जन्मतिथि और पता भरें.
- परिवार के सदस्यों का विवरण जोड़ दें और फॉर्म को सबमिट कर दें.
- अब आपकी एप्लीकेशन जमा हो जाएगी.
- अप्रूवल मिलने के बाद आप कार्ड को डाउनलोड कर पाएंगे.
- यहां ध्यान रखने वाली बात है कि यदि बुजुर्ग की जन्मतिथि उपलब्ध नहीं है, तो उनकी डेट ऑफ बर्थ 1 जनवरी मानी जाएगी.
