कोरोना महामारी में इंसानों के साथ रिश्ते भी दम तोड़ते दिए दिखाई, जानिए पूरा मामला

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पानीपत | शनिवार को जिले में कोरोना महामारी ने 15 महीने पूरे कर लिए. इन 15 महीनों में जिले में 31023 पॉजिटिव मिले, वही 632 लोगों को कोरोना की वजह से जान गवानी पड़ी. बता दे कि 15 महीनों में कोरोना से लोगों ने तो दम तोड़ा ही,  इसके साथ ही कई रिश्ते भी दम तोड़ते दिखाई दिए. कोई अस्पताल में पिता का शव  छोड़ कर घर लौट गया. तो किसी ने अपना मोबाइल नंबर या पता ही गलत लिखवाया.

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महामारी में रिश्तो ने तोड़ा दम

बता दे कि कुछ केसों में अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए परिजनों को फोन किया गया तो उन्होंने आने से ही मना कर दिया. वही कोई पिता का संस्कार कराने के लिए शिवपुरी की भूमि में आने को तैयार नहीं हुआ. जन सेवा दल के सदस्यों ने बताया कि जिन लोगों ने अपनों को खो दिया है फिर उन्हें देखने के लिए आगे नहीं आए . उन्होंने अपनों से मुंह मोड़ा तो जन सेवा दल उनके परिजनों के लिए अंतिम संस्कार के लिए आगे आया. बता दे कि जन सेवा दल के सदस्य चमन गुलाटी ने लोगों से अपील करते हुए कहा है कि सार्वजनिक जगहों पर मास्क लगाकर रखें और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करें.

कोरोना से मौत के ऐसे 5 मामले जिनमें शव को कोई लेने नहीं आया

7 जुलाई 2020 : बता दे कि सिवाह के निजी अस्पताल में एक व्यक्ति की मौत हुई. एक व्यक्ति में सिर्फ कोरोना के लक्षण थे, न तो वह पॉजिटिव और न ही नेगेटिव. परंतु परिवार ने संस्कार करने से मना कर दिया.

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8 अगस्त 2020 : अंबा कॉलोनी की 62 वर्षीय महिला की मौत के बाद शव को शिवपुरी में लाया गया.  तीन बार परिजनों को फोन किया, परंतु परिजनों ने आने से मना कर दिया. उन्होंने कहा कि आप अंतिम संस्कार कर दो.

19 अगस्त 2020 : जाटल रोड की 75 वर्षीय महिला की कोरोना की वजह से मौत हो गई. महिला का दामाद और धोते शिवपुरी में पहुंचे. लेकिन उन्होंने एक बार भी नहीं कहा कि हम अग्नि  देंगे.

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21 मई 2021 : 70 वर्षीय सोमादेवी की कोरोना की वजह से मौत हो गई. मौत के तुरंत बाद परिजन भी अस्पताल से चले गए, काफी तलाश करने पर उनका पता चला.

21मई 2021: 21 मई को ही नरेश की कोरोना से मौत हो गई. एड्रेस में कच्चा कैंप व फोन नंबर लिखा हुआ था. लेकिन फोन करने पर किसी ने कहा कि वे फरीदाबाद से बोल रहे हैं और वह किसी नरेश को नहीं जानते.

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