गुरुग्राम | हरियाणा में निकाय चुनावों को लेकर राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो चुकी है. गुरुग्राम नगर निगम में मेयर चुनाव की बात करें, तो यहां अहीरवाल बेल्ट में बीजेपी पार्टी में अंदरखाने ही राजनीति गरमाई हुई है. इसकी शुरुआत मानेसर नगर निगम के मेयर उम्मीदवार सुंदरलाल यादव के कार्यक्रम में पहुंचे कैबिनेट मंत्री राव नरबीर सिंह के एक बयान से हुई.
बिना नाम लिए साधा निशाना
कैबिनेट मंत्री राव नरबीर सिंह ने कहा कि इस चुनाव में ऐसे- ऐसे लोग वोटों की अपील करेंगे, जिनकी पृष्ठभूमि आपराधिक रिकॉर्ड से जुड़ी है. यदि आप क्रिमिनल को यहां से मेयर बनाएंगे, तो क्या उम्मीद आप कर सकते हैं कि आपके इलाके की व्यवस्था कैसी होगी. एक आम आदमी का जीना दुभर हो जाएगा. यहां फिरौती मांगने का काम शुरू हो जाएगा. इससे भी बुरे काम यहां दिखाई देंगे.
राव नरबीर सिंह का यह इशारा मानेसर नगर निगम से निर्दलीय चुनाव लड़ रही डॉ इंद्रजीत यादव की तरफ था. जो पहले गैंगस्टर रहें राकेश यादव हयातपुरियां की पत्नी हैं. उन्होंने कहा कि जो आदमी टिकट के लिए ऑफर में पैसे देने की बात करता हो, तो उसे उम्मीदवार मानकर वोट डालते हैं तो इससे बड़ा दुर्भाग्य इस अहीरवाल बेल्ट का नही हो सकता है.
हम राव इंद्रजीत के कार्यकर्ता
कैबिनेट मंत्री राव नरबीर सिंह के बयान का जवाब देते हुए राकेश हयातपुरियां ने कहा कि हम केन्द्रीय राज्यमंत्री राव इंद्रजीत सिंह के कार्यकर्ता हैं. हम चुनाव जीते मतलब राव इंद्रजीत सिंह मेयर बन गए. इसी वजह से राव नरबीर सिंह इस तरह की बयानबाजी कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि एक जनसभा में राव नरबीर सिंह खुद कह रहा है कि जीत आसान नहीं है. जब प्रदेश सरकार का एक मंत्री ये सब कह रहा है, तो मानेसर नगर निगम से हमारी जीत सुनिश्चित हैं. उन्हें हमारी जीत से डर है, इसलिए इस तरह के गैरजिम्मेदाराना बयान दे रहा है.
हयातपुरियां पर क्या आरोप
गुरुग्राम के गांव हयातपुर निवासी राकेश हयातपुरियां पर 15 साल पहले लड़ाई- झगड़ा और जमीन कब्जाने के आरोप लगे थे. 25 जून 2011 में हयातपुर गांव के युवा सरपंच की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. राकेश हयातपुरियां पर सरपंच की हत्या की साजिश रचने और रूपए देने के आरोप लगे थे. हालांकि, राकेश हयातपुरियां ने कहा था कि मुझे इस मामले में झूठा फंसाया जा रहा है.
