दिल्ली विधानसभा का तीसरा दिन आज, नजफगढ़ और मोहम्मदपुर के नाम बदलने की मांग तेज

नई दिल्ली | राजधानी दिल्ली में विधानसभा सत्र (Delhi Vidhansabha Satra) के तीसरे दिन नजफगढ़ के नाम बदलने का प्रस्ताव पेश किया गया. नजफगढ़ से विधायक नीलम पहलवान ने इसका नाम राजा नाहर सिंह के सम्मान में नाहरगढ़ रखने की मांग की. उन्होंने तर्क दिया कि राजा नाहर सिंह का समाज और देश के प्रति बड़ा योगदान रहा है और यह जनता की भी इच्छा है. वहीं, आर. के. पुरम विधानसभा क्षेत्र के विधायक अनिल शर्मा ने भी मोहम्मदपुर गांव का नाम बदलकर माधोपुर करने की मांग उठाई.

Delhi Vidhansabh

नाम परिवर्तन की पुरानी मांगें

दिल्ली में स्थानों के नाम बदलने की मांग पहले भी उठती रही है. भाजपा विधायक मोहन सिंह बिष्ट ने मुस्तफाबाद का नाम बदलकर ‘शिव विहार’ रखने का सुझाव दिया था. यह मांग उन्होंने विधानसभा सीट जीतने के तुरंत बाद रखी थी। विधायक नीलम पहलवान ने शून्यकाल के दौरान इस मुद्दे को सदन में उठाया और बताया कि नजफगढ़ क्षेत्र ऐतिहासिक रूप से महत्वपूर्ण है. यह दिल्ली के ग्रामीण क्षेत्र का हिस्सा है और इसकी सीमाएं हरियाणा से लगती हैं.

उन्होंने कहा कि मुगल शासक बादशाह आलम द्वितीय के शासनकाल में नजफगढ़ में लोगों पर भारी अत्याचार हुए थे. 1857 की क्रांति के दौरान राजा नाहर सिंह ने इस क्षेत्र को दिल्ली प्रांत में शामिल कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी.

पहले भी हो चुकी हैं कोशिशें

नीलम पहलवान ने कहा कि नजफगढ़ का नाम बदलने के लिए कई बार कागजी कार्यवाही की गई, लेकिन अब तक यह परिवर्तन नहीं हो सका. उन्होंने बताया कि सांसद प्रवेश वर्मा के माध्यम से भी कई बार प्रयास किए गए, लेकिन सफलता नहीं मिली. अब उन्होंने मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता से इस पर कार्रवाई करने की मांग की है.

यह भी पढ़े -  दिल्ली- NCR में प्रदूषण नियंत्रण को लेकर हाई लेवल बैठक, रियल- टाइम ट्रैकिंग सिस्टम लागू करने पर हुई चर्चा

अन्य मुद्दे भी उठे

विधायक मनोज शौकीन ने नजफगढ़ नाले की सफाई का मुद्दा उठाया, जबकि विपक्ष के केवल एक विधायक अमानतुल्लाह खान ही सदन में मौजूद थे. वहीं, घोंडा के विधायक अजय महावर ने पानी आपूर्ति और सीवर की समस्याओं को लेकर नाराजगी जताई. उन्होंने बताया कि उनके क्षेत्र में छह सीवर लाइनें हैं, लेकिन सभी जाम पड़ी हुई हैं.

कैग रिपोर्ट से दिल्ली सरकार पर सवाल

विधानसभा में भाजपा नेता सतीश उपाध्याय ने कहा कि कैग (CAG) रिपोर्ट ने दिल्ली की नई शराब नीति में हुई गंभीर अनियमितताओं और भ्रष्टाचार को उजागर किया है. रिपोर्ट के अनुसार, इस नीति के कारण दिल्ली सरकार के राजस्व को 2002 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ, जिससे सरकारी खजाने को भारी क्षति हुई. उन्होंने कहा कि यह रिपोर्ट जनता को दिल्ली सरकार की सच्चाई दिखाने का काम करेगी. उन्होंने आरोप लगाया कि आम आदमी पार्टी, जिसने खुद को ईमानदार और पारदर्शी बताया था, आज भ्रष्टाचार के दलदल में फंस गई है.

Avatar of Ajay Sehrawat
Ajay Sehrawat
View all posts

मेरा नाम अजय सहरावत है. मीडिया जगत में पिछले 6 साल से काम कर रहा हूँ. बीते साढ़े 5 साल से Haryana E Khabar डिजिटल न्यूज़ वेबसाइट के लिए बतौर कंटेंट राइटर के पद पर काम कर रहा हूँ.