रेवाड़ी | हरियाणा में स्वास्थ्य सेवाओं का बुनियादी ढांचा मजबूत करने की दिशा में निरंतर नए प्रयास किए जा रहे हैं. इसी कड़ी में ग्रामीण इलाकों तक स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार करते हुए जिले के 7 गांवों में उप- स्वास्थ्य केंद्रों के निर्माण के लिए टेंडर जारी कर दिए गए हैं. इन गांवों के लोग लंबे समय से इस सुविधा की मांग उठाते आ रहे थे.
रेवाड़ी में 3.26 करोड़ रुपए होंगे खर्च
जिले के जिन गांवों में उप- स्वास्थ्य केंद्रों का निर्माण किया जाएगा उनमें दाखोरा, टिंट, टूमना, निमोठ, बोलनी, चिमनावास और मंदौला शामिल हैं. इनके निर्माण कार्य पर 3.26 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे. इनके बनने से ग्रामीणों को स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ अपने गांव में ही उपलब्ध हो सकेगा, जिसके बाद उन्हें प्राथमिक उपचार के लिए कस्बों या शहर के लिए भागदौड़ करने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी.
इन गांवों के लोगों को वर्तमान में प्राथमिक उपचार, टीकाकरण, जच्चा-बच्चा देखभाल और सामान्य बीमारियों के इलाज के लिए कई किलोमीटर दूर का सफर तय करना पड़ता है. खासकर एमरजेंसी में यह दूरी कई बार जिंदगी पर भारी पड़ जाती है. ऐसे में उप- स्वास्थ्य केंद्रों के बनने से समय और खर्च दोनों की बचत होगी.
इन गांवों में जारी है काम
पिछले साल जनवरी महीने में जिले के ही एक दर्जन गांवों में उप-स्वास्थ्य केंद्र के निर्माण के लिए टेंडर जारी हो चुका है और यहां काम तेज गति से चल रहा है. इनमें गांव बेरवल, छिल्लर, मोहनपुर, रोहड़ाई, मामड़िया आसमपुर, सुठानी, झाबुआ, नेहरूगढ़, सुठानी, नांगल शहबाजपुर, जैतपुर शेखपुर, सुर्खपुर, लुखी में उप- स्वास्थ्य केंद्र शामिल हैं.
4 PHC के लिए जारी हुआ टेंडर
जिले में नाहड़, जाटूसाना और धारूहेड़ा ब्लॉक में चार नए प्राथमिक हेल्थ केंद्र (PHC) के निर्माण के लिए भी टेंडर जारी हो चुका है. यहां गुड़ियानी, जाटूसाना, बख्तापुर और लिलोढ़ गांव में पीएचसी के निर्माण पर साढ़े 14 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे. इसके साथ ही, प्रदेश सरकार ने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र भाड़ावास को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के रूप में अपग्रेड करने की मंजूरी दे दी है.
