हरियाणा: कभी 4 गायों से शुरू किया था दूध का व्यवसाय, आज 30 लाख रुपए सालाना कमा रहे हैं दोनों भाई

सिरसा | हरियाणा के सिरसा जिले के गांव रुपाणा खुर्द के एमसीए पास किसान सुरेन्द्र ने कृषि के साथ-2 पशुपालन व्यवसाय में रुचि दिखाते हुए दूध का व्यवसाय शुरू किया. आर्थिक स्थिति अच्छी रहें , इसके लिए चार देशी नस्ल की गायों से दूध बेचने का काम शुरू किया. इस काम में उसके भाई कमलेंद्र सिंह ने भी उसका बखुबी साथ निभाया और आज उनके पास 95 गोवंश हैं जिनमें से फिलहाल 25 गाय दूध दें रही है.
दोनों भाई दूध व्यवसाय से हर साल 30 लाख रुपए की आमदनी कर रहे हैं.

DUDH

साथ ही, वर्मी कम्पोस्ट केंचुआ खाद का व्यवसाय भी शुरू किया हुआ है जिससे 25 हजार रुपए प्रति महीने की एक्सट्रा आमदनी हो रही है. छोटी उम्र में ही किसान सुरेन्द्र हरियाणा व पास लगते राजस्थान के गांवों के किसानों व पशुपालकों के लिए प्रेरणा स्रोत बन गया है.

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नौकरी नहीं करने का लिया फैसला

किसान सुरेन्द्र बताते हैं कि एमसीए करने के बाद उसने नौकरी न करने का फैसला लेते हुए खेती के साथ-साथ अन्य कमाई का जरिया खोजना शुरू कर दिया. पास लगते राजस्थान के गांवों में जाकर देशी नस्ल की गायों से दूध व्यवसाय के काम को करीब से जाना और फिर 5 गायों से अपना बिजनेस शुरू कर दिया. धीरे-2 कमाई बढ़ी तो राठी, साहिवाल, थारपारकर और हरियाणा नस्ल की गायों को खरीदकर दूध का कारोबार बढ़ा लिया.

खाद से भी आमदनी

किसान सुरेन्द्र ने बताया कि पिछले साल से वर्मी कम्पोस्ट केंचुआ खाद तैयार करना शुरू कर दिया. 20 बेड में खाद तैयार की जाती है जिनमें केंचुए और केंचुए की खाद दोनों बेची जाती है और हर महीने करीब 25 हजार रुपए की आमदनी हो रही है.

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उन्होंने बताया कि बिना किसी सरकारी मदद के उन्होंने अपना व्यवसाय शुरू किया था. उन्होंने बताया कि आसपास के क्षेत्र के कई युवा उनसे प्रेरणा लेते हुए दूध बेचने का काम करने लगे जिससे उन्हें रोजगार मिल गया.

उन्होंने कहा कि पशुपालन व्यवसाय अतिरिक्त आमदनी का एक बेहतरीन जरिया है और किसान भाईयों को खेती के साथ-साथ पशुपालन में भी हाथ आजमाने चाहिए ताकि आर्थिक स्थिति मजबूत बनी रहें. सुरेन्द्र ने सरकार से भी देशी गायों की नस्ल सुधार की ओर ध्यान देने की मांग की है.

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इसके अलावा उन्होंने लोगों ने भी अपील की है कि गायों को लावारिस न छोड़ें बल्कि इन्हें अपनी आमदनी का जरिया बनाएं. उनकी ठीक तरह से देखभाल करने से दूध बेचने व गोबर की खाद का बिजनेस शुरू किया जा सकता है.

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