चंडीगढ़ | E टेंडरिंग प्रणाली को लेकर पंचकूला में पक्का धरना लगाए बैठे प्रदेश के सरपंचों पर देर रात 10 बजे फिर से हरियाणा पुलिस का एक्शन देखने को मिला है. पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट के निर्देश पर पंचकूला पुलिस ने कार्रवाई करते हुए सरपंचों द्वारा बीच सड़क पर लगाएं गए तंबुओं को उखाड़ फेंका. सरपंचों ने जब इसका विरोध किया तो पुलिस ने 50 से अधिक सरपंचों को गिरफ्तार कर लिया. पुलिस द्वारा धरनास्थल खाली कराने के लिए हल्का बल प्रयोग भी किया गया है.
बता दें कि हरियाणा के सरपंचों ने सरकार द्वारा किए गए लाठीचार्ज के विरोध में पंचकूला- चंडीगढ़ बार्डर पर ही पक्का धरना लगा दिया था, जिसको लेकर हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर की गई थी. इस याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने पंचकूला डीसी को रात 10 बजे से पहले पंचकूला- चंडीगढ़ सड़क को खाली कराने के निर्देश दिए थे. कोर्ट ने पंचकूला पुलिस के DCP से सोमवार सुबह को इस मामले में की गई पूरी कार्रवाई की रिपोर्ट भी मांगी हैं.
दिन में जारी हुआ था नोटिस
पुलिस की इस कार्रवाई से पहले धरना स्थल पर बैठे सरपंचों को सड़क अवरूद्ध करने पर ACP कम एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट ने नोटिस जारी कर दिया था, जिसमें उन्हें दो घंटे में सड़क से हटने को कहा गया था. इस नोटिस में स्पष्ट किया गया था कि अगर दिए गए निर्धारित समय में सड़क खाली नहीं करेंगे तो रविवार दस बजे एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट के समक्ष अपने बयान दर्ज करवाने होंगे.
हालांकि, चंडीगढ़ और पंचकूला पुलिस के अधिकारियों के साथ मीटिंग के बाद सरपंचों ने एक तरफ का रास्ता खोल दिया था. सरपंचों का कहना था कि हमारे धरने से आमजन को परेशानी न हो, इसलिए एक तरफ की सड़क खोल दी जाएगी और इस रास्ते से हम चंडीगढ़ में घुसने का प्रयास भी नहीं करेंगे.
लाठीचार्ज के बाद लगाया था पक्का धरना
बता दें कि 2 मार्च को पूरे हरियाणा से सरपंच चंडीगढ़ स्थित सीएम आवास का घेराव करने पहुंचे थे. सरपंच E टेंडरिंग प्रणाली को लेकर विरोध जता रहे हैं. लगभग 20 हजार की संख्या में सरपंच पंचकूला से चंडीगढ़ में सीएम आवास का घेराव करने पहुंचे लेकिन पुलिस ने उन्हें चंडीगढ़ से पहले ही बेरिकेडिंग लगाकर रोक दिया था.
सरपंचों द्वारा बेरिकेडिंग तोड़ने पर पुलिस ने उन्हें दौड़ा- दौड़ाकर पीटा था. इसमें 100 से ज्यादा सरपंच को चोटें आई थीं और कई पुलिसकर्मी भी घायल हुए थे. ऐसे में लाठीचार्ज से खफा सरपंच चंडीगढ़- पंचकूला सड़क पर पक्का धरना लगा कर बैठे थे.
