पंचकुला | हरियाणा के सरकारी स्कूल खोलने व उनमें पढ़ाई की व्यवस्था को लेकर सरकार बार- बार अपने फैसले बदल रही है. ऐसे में देश के अंदर तेज़ी से फैली कोरोना महामारी की वजह से बीते लगभग एक साल से प्राइमरी स्कूलों फिजिकल क्लासेस बन्द पड़ी है. इतने समय से यह बन्द पड़े स्कूलों को देख कर अब यह साफ हो गया है कि इस शिक्षा सत्र में अब पढ़ाई मुमकिन नहीं है.
इसलिए अब राज्य सरकार की ओर से एक बार फ़िर से लिए गए फ़ैसले में बदलाव किया गया और साफ़ तौर पर कहा गया है कि प्राइमरी स्कूल फरवरी माह की 15 से नहीं खुलेंगे. हालांकि, इस ख़बर के बाद यह साफ़ हो गया है कि राज्य के प्राइमरी स्कूलों में अब अगले शिक्षा सत्र से ही कक्षाएं लग सकती है.
15 फरवरी से स्कूल खोलने का फैसला सरकार ने टाला
पहले संभावना जताई जा रही थी कि 15 फरवरी से हरियाणा में प्राइमरी स्कूलों को खोल दिया जा सकता है. इसके लिए अभिभावक और बच्चे भी मनोवैज्ञानिक रूप से खुद को तैयार करने लगे थे, किन्तु अब एक बार फिर से सरकार ने नया फरमान जारी कर दिया है जिसमें, स्पष्ट शब्दों में कहा गया है कि 15 फरवरी से प्राइमरी स्कूल खोलने का फैसला थोड़े समय के लिए टाल दिया जाता है. शिक्षा मंत्री कंवरपाल गुर्जर ने हुई विषेश वार्ता में उन्होंने कहा कि अब मौजूदा शिक्षा सत्र के संचालन के लिए समय बिल्कुल भी नहीं बचा है. ऐसे में पहली से पांचवीं कक्षा तक की नियमित पढ़ाई के लिए स्कूल नहीं खोले जा सकेंगे. फ़िलहाल के लिए स्कूल खोलना ठीक नहीं है क्योंकि, ख़तरा अभी पुरी तरह से टला नहीं है और यह छोटे बच्चो के भविष्य का सवाल है.
छठी से 12वीं तक कक्षाओं के लिए खुले पर नहीं आ रहे बच्चे
यहां हम आपको मुख्य रूप से बता दें कि हरियाणा सरकार की ओर से थोड़े समय पहले ही छठी से 12 वीं कक्षाओं तक स्कूल खोल दिए गए है. हालांकि, अभी भी स्कूलों में विद्यार्थियों की संख्या इतनी नहीं है, जितनी आम दिनों में होती है. ऐसा केवल इसलिए क्योंकि, अभी भी बच्चोकेमन में महामारी का डर बैठा हुआ है. प्रदेश के सरकारी स्कूलों में लगभग 23 लाख विद्यार्थी पढ़ते हैं, जबकि वहीं दूसरी ओर 29 लाख के करीब विद्यार्थी निजी स्कूलों में पढ़ाई पूरी कर रहे हैं.
बच्चों के मामले में सरकार ने रिस्क लेने से किया इंकार
शिक्षा मंत्री गुर्जर से संवादाताओं द्वारा पूछे गए एक सवाल के जवाब में उन्होंने स्पष्ट कर दिया कि अब इन कक्षाओं के लिए स्कूल अगले सेशन में ही खुल सकते हैं यानी अगर सरल शब्दों में कहें तो अप्रैल के बाद ही अब प्राइमरी स्कूलों में नियमित पढ़ाई शुरू हो सकती है. इस संदर्भ में शिक्षा विभाग ने शिक्षा मंत्री के पास फाइल बनाकर भी भेज थी, किन्तु सरकार की ओर से फाइल यह कहकर लौटा दी है कि अब स्कूल खोलने का समय नहीं बचा है और इस नाजुक समय पर सरकार बच्चों के मामले में किसी भी प्रकार से रिस्क लेने के मूड में नहीं है.
