ज्योतिष | भगवान भोलेनाथ के भक्तों के लिए महाशिवरात्रि का पर्व बेहद ही खास होता है. इस दिन भगवान भोलेनाथ की विधि विधान से पूजा अर्चना करने का भी महत्व बताया गया है. भक्तों की तरफ से इस दिन उपवास भी रखा जाता है और भगवान भोलेनाथ के साथ माता पार्वती की पूजा करने से आपका वैवाहिक जीवन काफी अच्छा रहता है. साथ ही, जीवन में कभी भी धन की कमी नहीं रहती. अबकी बार महाशिवरात्रि (Mahashivratri) और भी खास है क्योंकि एक नहीं पूरे 4 शुभ संयोग बनने जा रहे हैं. आज हम आपको इसी बारे में जानकारी देने वाले हैं.
कब है महाशिवरात्रि?
हिंदू पंचांग के अनुसार, फाल्गुन महीने के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि यानी कि अबकी बार 8 मार्च को 9:57 मिनट से शिवरात्रि की शुरुआत होगी. इस तिथि का समापन अगले दिन होने वाला है. महाशिवरात्रि पूजा करने का शुभ मुहर्त रात्रि 12:07 से लेकर 12:57 तक है. बता दें कि इस दिन 4 शुभ संयोग भी लगने जा रहे हैं, जिसमें स्वार्थ सिद्धि योग/ शिव योग /सिद्ध योग और श्रवण नक्षत्र शामिल है.
अबकी बार शिवरात्रि पर बन रहे ये खास योग
स्वार्थ सिद्ध योग: मान्यता है कि इस योग में जो भी कार्य किया जाता है, उसमें सफलता मिलती है. खासकर जब महाशिवरात्रि के शुभ समय में यह संयोग बन रहा हो.
सिद्ध योग: इस योग को भगवान गणेश यानी कि विघ्नहर्ता के नाम से जोड़कर जाना जाता है. ऐसा माना जाता है कि इस दौरान यदि आप कोई भी कार्य करते है, तो उसमें आपको सफलता मिलती है.
श्रवण योग: इस नक्षत्र के स्वामी शनि देव को माना जाता है और यह नक्षत्र काफी अच्छा होता है. जिस भी व्यक्ति का जन्म इस नक्षत्र में होता है वह धनवान व सौभाग्यशाली होता है.
डिस्केलमर: इस लेख में दी गई जानकारियां और सूचनाएं विभिन्न माध्यमों/ ज्योतिषियों/ पंचांग/ प्रवचनों/ मान्यताओं/ धर्मग्रंथों पर आधारित हैं. Haryana E Khabar इनकी पुष्टि नहीं करता है.
