नई दिल्ली, Success Story | जीवन में सफलता किसे पसंद नहीं है, लेकिन यह बात और है कि कुछ लोग ही इसे प्राप्त कर पाते हैं. कुछ लोग तो ऐसे होते हैं जो फेलियर से तंग आ कर गुमनामी के अंधेरे में खो जाते हैं. कुछ लोग बार- बार असफल होने के बावजूद भी हार नहीं मानते और अपने लक्ष्य को प्राप्त करके रहते हैं. ऐसी ही एक कहानी है दीप्ति अवस्थी शर्मा की.
इन्होंने घर का दबाव झेला, नौकरी छूटी, CA की परीक्षा में भी असफलता मिली, यहाँ तक की अपनों ने भी उनका साथ छोड़ दिया, तब भी वह नहीं रुकी और अपनी लगन और दॄढ- इच्छा शक्ति के बल पर आज एक ऐसे ब्रांड की मालकिन बन गई, जिसका टर्नओवर 50 करोड़ के लगभग है.
असफलताओं से नहीं मानी हार
दीप्ति ने पहले नौकरी खोई, उसके बाद CA की परीक्षा में भी असफलता मिली फिर एक प्रतिष्ठित कॉलेज में भी उन्हें दाखिला नहीं मिल पाया. उन्होंने जो स्टार्टअप शुरू किया वह भी बंद हो गया और कर्ज में डूब गई. साल 2015 में दीप्ति की शादी विकास शर्मा से हुई. साल 2016 में दोनों ने मिलकर ‘गोहोर्डिंग’ कंपनी की शुरुआत कर दी. इस ऑनलाइन प्लेटफॉर्म OOH (आउट- ऑफ- होम एडवरटाइजिंग) पर विज्ञापन बुक किए जाते हैं. शुरू में उन्हें कामयाबी नहीं मिली, लेकिन धीरे- धीरे उन्होंने 15 महीनों में ही 11 करोड़ का कारोबार कर डाला.
50 करोड़ है कंपनी का टर्नओवर
आज इनका सालाना टर्नओवर 50 करोड़ के लगभग है. दीप्ति को ‘क्वीन ऑफ़ बिलबोर्ड्स’ के नाम से जाना जाता है. बीते साल ही उन्हें इंदिरा गांधी राष्ट्रीय युवा कांग्रेस महिला उद्यमी पुरस्कार से नवाजा गया. पूरे भारत भर में उनके ग्राहक फैले हुए हैं. उनके पति विकास कंपनी के टेक्निकल फैक्टर्स को संभालते हैं. आज अपनी मेहनत के दम पर दीप्ति और उनके पति ने वह मुकाम हासिल कर लिया है जो देश के लाखों युवाओं के लिए प्रेरणा स्रोत साबित होगा.
