हिसार | हरियाणा में हुक्का भाईचारे का प्रतीक माना जाता है. गांवों में चौपाल और शादी-समारोह में हुक्का मानमनुहार के रुप में देखने को मिलता है. हुक्के के माध्यम से एक जगह पर कई बुजुर्ग साथ बैठे दिखाई देते हैं. बता दें कि हिसार के पुराना गर्वनमेंट कालेज के मैदान में स्वदेशी मेले का आयोजन हो रहा है, जहां विशालकाय हुक्का और खाट हर किसी के आकर्षण का केंद्र बनी हुई है.
स्वदेशी मेले में छाया 90 हजार का हुक्का
ऋषि नगर निवासी अजय और दीक्षांत ने बताया कि वे आर्डर पर खाट और हुक्का तैयार करते हैं. फिलहाल वो 50 के करीब हुक्के बेच चुके हैं. वहीं, नौ चिलम के इस हुक्के को शादी-विवाह में लोग किराए पर लेकर जाते हैं. उनके पास फिलहाल हुक्का और खाट तैयार करने के कई आर्डर आए हुए हैं.
अजय ने बताया कि हरियाणवी हुक्के की चौड़ाई 6 फीट और 50 किलोग्राम वजन है. इस हुक्के में 9 चिलम लगने के बाद यह आकर्षण का केंद्र बन जाता है. लोग इसके साथ सेल्फी लेने को बेताब रहते हैं. नौ चिलम वाले इस हुक्के में 40 लीटर पानी भरा जाता है. रोहिड़े की लकड़ी से तैयार किए गए इस हुक्के की कीमत 90 हजार रूपए है.
5 चिलम का हुक्का 50 हजार और तीन चिलम के हुक्के की कीमत 40 हजार रूपए है. उन्होंने बताया कि इसे आर्डर पर स्पेशल तैयार किया जाता है, जिसको बनाने में करीब 40 दिन का समय लगता है. वहीं, हुक्के के लिए रोहिड़े की लकड़ी राजस्थान से मंगवाई जाती है.
500 किलोग्राम वजनी खाट
हिसार में आयोजित स्वदेशी मेले में 15 फीट लंबी और 6 फीट चौड़ी 500 किलोग्राम वजनी खाट भी हर किसी के मन को मोह रही है. इस खाट को बनाने में लोहे और स्टील का इस्तेमाल किया गया है. इस खाट की कीमत सवा लाख रूपए है. वहीं, खाट भरने के लिए सूत राजस्थान से मंगवाई गई है. इस खाट को तैयार करने में लगभग पांच महीने का समय लगता है. इस खाट पर हरियाणा के सभी 22 जिलों के नाम लिखे गए हैं. वहीं, मेला देखने पहुंचे लोगों ने कहा कि इस तरह की विशालकाय खाट पहली बार देखी है, जो दिखने में इतनी खूबसूरत और बैठने में काफी आरामदायक है.
