फरीदाबाद | हरियाणा के औद्योगिक नगरी फरीदाबाद के लोगों के लिए एक अच्छी खबर सामने आई है. स्मार्ट सिटी में सड़कों को एयरपोर्ट की तर्ज पर विकसित करने के लिए थर्मोप्लास्टिक तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा. इस योजना पर फरीदाबाद मेट्रो डिवलेपमेंट ऑथोरिटी (FMDA) ने काम शुरू कर दिया है. पहले चरण में प्रमुख चौक-चौराहों को शामिल किया गया है. इसके बाद सड़कों को बनाने का काम किया जाएगा.
खस्ताहाल स्थिति में शहर की सड़कें
फरीदाबाद शहर में 50 से ज्यादा बड़ी सड़कें हैं जो काफी खस्ताहाल स्थिति में पहुंच चुकी है. डामर की बनी इन सड़कों पर बने गढ्ढों में लोग हिचकोले खाते हुए सफर करने पर मजबूर हो रहे हैं. बता दें कि शहर में पारम्परिक डामर (असफाल्ट) और कंक्रीट तकनीक से सड़कों का निर्माण किया जाता है. इस तकनीक से निर्माण के बाद सड़क की सतह सूखने में ज्यादा समय लगता है. इसके अलावा टिकाऊपन क्षमता भी कम ही होती है, लेकिन थर्मोप्लास्टिक तकनीक से निर्माण करने के कई फायदे मिलते हैं.
थर्मोप्लास्टिक तकनीक के फायदे
थर्मोप्लास्टिक तकनीक के इस्तेमाल से निर्माण की गति बढ़ेगी. सड़क की सतह जल्दी सूखेगी और सड़क लंबे समय तक चलेगी. रात में या कम रोशनी में सड़क की लाइनें और संकेत स्पष्ट दिखाई देते हैं. दावा है कि इस तकनीक से दुर्घटना की संभावना बेहद कम हो जाती है. इन सड़कों का टिकाऊपन ज्यादा होता है, जिससे बार- बार मरम्मत करने की जरूरत नहीं पड़ती. बारिश के बाद सड़क की सतह जल्दी सूख जाती है, जिससे फिसलन की समस्या कम होती है और ट्रैफिक भी बाधित नहीं होता है.
पारंपरिक डामर सड़क के निर्माण की लागत प्रति वर्ग मीटर लगभग 1000- 1500 रुपये होती है, जबकि थर्मोप्लास्टिक तकनीक वाली सड़क की लागत लगभग 1800- 2700 रुपये प्रति वर्ग मीटर तक होती है. तकनीक ज्यादा महंगी है, लेकिन इसकी लाइफ 3 गुना तक अधिक होती है, जिससे मरम्मत पर आने वाला खर्च कम हो जाता है.
