गुरुग्राम | हरियाणा में गुरुग्राम- पटौदी- रेवाड़ी (NH- 352W) पर सफर करने के लिए अभी और इंतजार करना होगा. नेशनल हाईवे ऑथोरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) ने इस हाइवे की निर्माण की समय- सीमा को फिर बढ़ा दिया है. पिछले साल इस समयावधि को बढ़ाकर 31 मार्च किया गया था, लेकिन इस साल 31 जनवरी तक हाइवे का लगभग 70 फीसदी निर्माण कार्य ही पूरा हुआ है.
ऐसे में निर्धारित समयावधि में निर्माण कार्य पूरा होना असंभव था. जिसको देखते हुए NHAI ने समय- सीमा बढ़ाकर 30 सितंबर तक कर दिया है.
गुरुग्राम से 40 मिनट में पहुंचेंगे रेवाड़ी
बता दें कि केंद्रीय सड़क एवं परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने जुलाई 2020 में गुरुग्राम- पटौदी- रेवाड़ी हाइवे का शिलान्यास किया था. इस हाइवे का निर्माण कार्य नवंबर 2023 तक पूरा होना था, लेकिन कुछ अड़चनों के चलते इस समयावधि को पांच बार बढ़ाया जा चुका है. इस हाइवे पर 25 फ्लाईओवर और अंडरपास का निर्माण किया जा रहा है.
इस हाइवे के शुरू होने पर गुरुग्राम से रेवाड़ी की दूरी मात्र 40 मिनट में पूरी की जा सकेगी. करीब 1 हजार करोड़ रूपए की धनराशि से इस हाइवे का निर्माण किया जा रहा है. इस हाइवे के शुरू होने पर दिल्ली- जयपुर हाइवे से ट्रैफिक दबाव कम करने में सफलता मिलेगी क्योंकि मौजूदा गुरुग्राम- पटौदी सड़क मार्ग की खस्ताहाल स्थिति के चलते वाहन चालक रेवाड़ी आवाजाही के लिए दिल्ली- जयपुर हाइवे से सफर कर रहे हैं.
द्वारका एक्सप्रेसवे से मिलेगी सीधी कनेक्टिविटी
द्वारका एक्सप्रेसवे को सेक्टर- 88B के समीप गुरुग्राम- पटौदी- रेवाड़ी हाइवे से फ्लाईओवर के जरिए सीधी कनेक्टिविटी दी जा रही है. इस फ्लाईओवर का 20 फीसदी काम ही पूरा हुआ है. इनके जुड़ने के बाद दिल्ली से रेवाड़ी आवाजाही के लिए वाहन चालकों को एक और वैकल्पिक मार्ग मिल जाएगा.
यहां पर फंसा पेंच
सेक्टर- 88B से लेकर वजीरपुर तक इस हाइवे के बीच में बरसाती नाला और हाइटेंशन बिजली लाइन सबसे बड़ी रूकावट पैदा कर रहे हैं. अभी तक इन लाइनों को दूसरी जगह पर ट्रांसफर नहीं किया गया है, जिसके चलते निर्धारित समयावधि में निर्माण कार्य पूरा करने में दिक्कत आ रही है.
