नई दिल्ली | हाल ही में भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) द्वारा रेपो रेट में कटौती के बाद देश के 6 बड़े बैंकों ने होम लोन पर ब्याज दरों में कटौती कर दी है. इस लिस्ट में पंजाब नेशनल बैंक (PNB), बैंक ऑफ बड़ौदा, यूनियन बैंक ऑफ इंडिया और केनरा बैंक जैसे दिग्गज बैंक शामिल हैं. उन्होंने रेपो लिंक्ड लेंडिंग रेट (RLLR) में 0.25% तक की कटौती कर दी है.
क्या है RLLR?
रेपो लिंक्ड लेंडिंग रेट (RLLR) वह दर होती है, जिसपर बैंक ग्राहकों को लोन देते हैं. यह सीधे RBI के रेपो रेट से लिंक्ड होती है. जो ग्राहक RLLR लिंक्ड होम लोन का विकल्प चुनते हैं, उनकी ब्याज दर RBI की रेपो रेट में बदलाव के हिसाब से कम होती है या बढ़ती है. होम लोन में ज्यादातर ग्राहक फ्लोटिंग रेट की चुनते हैं, जो RLLR से जुड़े होते हैं. RLLR में कटौती के बाद बैंक ग्राहकों को EMI घटाने या फिर लोन की अवधि कम कराने का विकल्प देते हैं.
किन बैंकों ने लोन पर घटाई ब्याज दर
पंजाब नेशनल बैंक
पंजाब नेशनल बैंक ने अपनी RLLR को 9.25% से घटाकर 9.00% कर दिया है. यह नई दर 10 फरवरी, 2025 से प्रभावी होगी. इस फैसले से PNB ग्राहकों को सस्ता होम लोन मिलेगा.
यूनियन बैंक ऑफ इंडिया
यूनियन बैंक ऑफ इंडिया ने अपनी RLLR को 9.25% से घटाकर 9.00% कर दिया है. यह नई दर 11 फरवरी, 2025 से प्रभावी होगी. इससे नए होम लोन लेने वालों को ब्याज में राहत मिलेगी.
बैंक ऑफ बड़ौदा
बैंक ऑफ बड़ौदा ने अपनी RLLR को 8.90 प्रतिशत कर दिया है, जो 10 फरवरी से लागू होगी. बैंक के मौजूदा और नए ग्राहकों को इसका सीधा लाभ मिलेगा.
बैंक ऑफ इंडिया
बैंक ऑफ इंडिया ने अपनी RLLR को 9.35% से घटाकर 9.10% कर दिया है. यह नई ब्याज दर 7 फरवरी से लागू हो गई है. इससे नए और पुराने दोनों ग्राहकों की EMI कम होगी.
केनरा बैंक
केनरा बैंक ने अपनी RLLR को 9.25 प्रतिशत से घटाकर 9.00 प्रतिशत कर दिया है. यह नई दर 12 फरवरी से लागू होगी. यह कटौती उन खातों पर लागू होगी, जो 12 फरवरी 2025 के बाद खोले गए हैं.
इंडियन ओवरसीज बैंक
इंडियन ओवरसीज बैंक ने अपनी RLLR में 25 बेसिस प्वाइंट की कटौती की है, जिससे यह 9.35% से घटकर 9.10 प्रतिशत हो गई है. यह बदलाव 11 फरवरी से लागू होगा.
ग्राहकों को मिलेगा फायदा
देश के प्रमुख बैंकों द्वारा RLLR में कमी करने से नया होम लोन लेना सस्ता हो जाएगा. मौजूदा ग्राहकों की EMI में कमी देखने को मिलेगी. ग्राहक चाहें तो EMI कम कराने के बजाय लोन के टेन्योर को कम करा सकते हैं. इससे उन्हें ब्याज चुकाने वाली रकम को कम करने में मदद मिलेगी.
