अंबाला | MSP गारंटी कानून सहित कई अन्य मांगों को लेकर पंजाब- हरियाणा के शंभू बार्डर पर पिछले 1 साल से ज्यादा समय से किसान विरोध- प्रदर्शन कर रहे हैं, जिसके चलते यह सड़क मार्ग पूरी तरह से बंद है. इससे आमजन को भारी परेशानी झेलनी पड़ रही है. दोनों राज्यों के बीच सफर करने वाले लोगों को घंटों ट्रैफिक जाम से जूझना पड़ रहा है.
आम जनजीवन अस्त- व्यस्त हो चुका है लेकिन अब मजबूरी में ही सही, लोगों ने अपने सफर को आसान बनाने के लिए इस परेशानी का हल निकाल लिया है.
लोगों ने तैयार किया वैकल्पिक मार्ग
शंभू बार्डर बंद होने के चलते परेशानी से जूझ रहे लोगों ने घग्गर नदी के बीच से एक नया कच्चा रास्ता तैयार कर लिया है. ये रास्ता अब दिल्ली- अंबाला हाइवे का एक वैकल्पिक मार्ग बन गया है. सफर के लिहाज से यह रास्ता उतना सुरक्षित नहीं है, लेकिन फिर भी लोगों के लिए वरदान साबित हो रहा है. इस रास्ते पर टू-व्हीलर और फोर- व्हीलर वाहनों के लिए अलग- अलग मार्ग तैयार किए गए हैं. वाहन चालकों ने बताया कि इस रास्ते से चलने पर थोड़ी मशक्कत करनी पड़ती है, लेकिन कई घंटों के ट्रैफिक जाम में फंसने से कहीं ज्यादा बेहतर है.
10 मिनट में शंभू बार्डर पार
एक स्थानीय निवासी ने बताया कि वह अक्सर इस कच्चे रास्ते का इस्तेमाल करते हुए 10 मिनट में शंभू बार्डर पार करते हुए आसानी से पंजाब पहुंच जाते हैं. उन्होंने कहा कि यह रास्ता NH- 152D के करीब स्थित है, जहां से घग्गर नदी की ओर बढ़ते ही एक छोटा पुल आता है. इसी पुल को पार कर दोपहिया वाहन आसानी से पंजाब की तरफ जा सकते हैं.
स्थाई समाधान की मांग
वाहन चालकों ने कहा कि यह रास्ता स्थाई समाधान नहीं है. सरकार को चाहिए कि इस परेशानी का हल निकालें, ताकि आमजन इधर- उधर भटकने की बजाय प्रमुख सड़क मार्ग से अपने सफर को पूरा कर सके. शंभू बार्डर नहीं खोला जाता है, तो आने वाले दिनों में स्थिति और ज्यादा भयंकर हो सकती है.
