हिसार | डंकी के रास्ते अमेरिका पहुंचने वाले अवैध भारतीयों को डिपोर्ट करने का सिलसिला लगातार जारी है. इसी कड़ी में तीसरे चरण में अमेरिका से पहुंचे भारतीयों में 44 युवक हरियाणा से थे, जिनमें हिसार के हांसी विधानसभा क्षेत्र के गांव कुलाना का आर्यन भी शामिल हैं. आर्यन 4 महीने पहले ही अमेरिका पहुंचा था.
60 लाख रूपए हुए खर्च
पीड़ित आर्यन ने बताया कि 60 लाख रूपए खर्च होने के बावजूद भी वह अमेरिका से खाली हाथ घर लौट आया. अमेरिका के सफर में कई महीनों तक भूखे- प्यासे जंगलों में भटकना पड़ा. इस दौरान तमाम प्रताड़नाएं झेलनी पड़ी. परिजनों ने उसे अमेरिका भेजने के लिए 2 एकड़ जमीन बेच दी थी. उसने बताया कि डंकी रूट काफी डरावना और खतरनाक है.
वह 16 अक्टूबर को अमेरिका के लिए घर से निकला था. उसे लगा था कि सीधे रास्ते से अमेरिका जाना है. बाद में उसे पता लगा कि रास्ता अवैध है. रास्ते में पन्ना के जंगलों को पार किया. फिर मैक्सिको से बॉर्डर पार किया, जिसके बाद वह अमेरिका पहुंचा तो उसे वहां की पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया. पकड़े जाने के बाद से उसका घर पर संपर्क भी नहीं हुआ.
22 किलो घट गया वजन
आर्यन ने बताया कि जब वह घर से अमेरिका के लिए निकला था, तो उसका वजन 71 किलोग्राम था, लेकिन डंकी रूट पर भूखे- प्यासे रहने से उसका 22 किलोग्राम वजन कम हो गया. पिता के पास करीब साढ़े 3 एकड़ जमीन थी. जिसमे से दो एकड़ जमीन बेचकर उसे विदेश भेजा था. लाखों रूपए खर्च करके काफी मुश्किलों को झेलते हुए अमेरिका पहुंचा था, लेकिन अब वापस इंडिया भेज दिया गया. अमेरिका के राष्ट्रपति ने अवैध भारतीयों को डिपोर्ट करने का फैसला लेकर सारे सपने चकनाचूर कर दिए. उनके पिता विनोद महला ने बताया कि वह हांसी एसपी से मिलकर इस मामले की शिकायत करेंगे.
